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“स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सम्मान, पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन

रायपुर । आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान मिला है।
भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा आयुष्मान भारत योजना के आठ वर्ष एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पांच वर्ष पूर्ण होने पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘आरोग्य मंथन 2026’ में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया। राज्य की ओर से आयुष्मान भारत योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने पुरस्कार ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि आर्थिक कठिनाई के कारण किसी पात्र नागरिक को उपचार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने कहा कि बीमारी के समय उपचार के साथ परिवार को आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिले, इसी उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

दूसरे राज्यों में उपचार लेने वालों के लिए पोर्टेबिलिटी बनी संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टेबिलिटी सुविधा उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्हें रोजगार, कामकाज या बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। पात्र हितग्राही देश के अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों के दूसरे राज्यों में उपचार के दौरान क्लेम का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा क्लेम प्रोसेसिंग, तकनीकी निगरानी और अस्पतालों के साथ समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

क्लेम प्रोसेसिंग और तकनीकी निगरानी पर जोर
प्रदेश में पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के त्वरित निराकरण के लिए क्लेम प्रोसेसिंग व्यवस्था, तकनीकी निगरानी, अस्पतालों के साथ समन्वय और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि हितग्राहियों को उपचार के बाद योजना का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग का प्रयास है कि आयुष्मान भारत का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूत किया जाएगा।

पोर्टेबिलिटी से देशभर में लाखों हितग्राहियों को उपचार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। 30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए, जिनकी अधिकृत राशि ₹8,383.97 करोड़ से अधिक है।
यह सुविधा विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, दूसरे राज्यों में रोजगार करने वाले नागरिकों और गृह राज्य से बाहर उपचार की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है।

डिजिटल तकनीक से मजबूत होगा स्वास्थ्य सेवा तंत्र
‘आरोग्य मंथन 2026’ में स्वास्थ्य आश्वासन एवं डिजिटल हेल्थ के अगले चरण पर भी चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्लेम प्रोसेसिंग को तकनीक-सक्षम बनाने, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम मजबूत करने तथा स्वास्थ्य डेटा के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “स्वास्थ्य सुरक्षा से जनकल्याण” के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि गंभीर बीमारी किसी परिवार के लिए आर्थिक संकट न बने और प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध हो।

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