कबड्डी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष
महासमुंद / शौर्यपथ / खल्लारी विधानसभा क्षेत्र एवं जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-06 में शनिवार को आयोजित विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जिला पंचायत महासमुंद के उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीण अंचल में आयोजित आयोजनों का शुभारंभ करते हुए खिलाड़ियों, कलाकारों और ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया।
वनांचल ग्राम टेंगराही (गुलझर) तथा ग्राम पंचायत भोथा (कोमाखान) में आयोजित रात्रिकालीन एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का श्री ठाकुर ने पूजा-अर्चना, रिबन काटकर, खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर एवं टॉस कर शुभारंभ किया। उद्घाटन मुकाबला टेंगराही और गुलझर की टीमों के बीच हुआ।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कबड्डी हमारी माटी और ग्रामीण जीवन से जुड़ा पारंपरिक खेल है। यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना, संयम और नेतृत्व जैसे गुण विकसित करता है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
इसके बाद नवाडीह-जूनवानी खुर्द में गणेश युवा समिति के तत्वावधान में आयोजित रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी श्री ठाकुर शामिल हुए। कका-भतीजा गम्मत नाच पार्टी सरायपाली-कोमाखान एवं रंजित चक्रधारी नाच पार्टी की प्रस्तुतियों के बीच उन्होंने भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
श्री ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले खेल एवं सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि लोककला, परंपरा और सामाजिक एकता को जीवंत रखने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलता है और नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ती है।
उन्होंने आयोजन समितियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, युवाओं, मातृशक्ति एवं ग्रामीणों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए क्षेत्र में खेल, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर जनपद सदस्य तुलाराम ठाकुर, सरपंच बल्लाराम जगत, कैलाश ध्रुव, उपसरपंच बृज ठाकुर, पूर्व सरपंच नेहरू चक्रधारी, सरपंच श्रीमती गौरी मुकेश ठाकुर, जनक राम नायक, हरि यादव, ओम प्रकाश ध्रुव, हीरा साहू सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, युवा, मातृशक्ति, बुजुर्ग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।