दक्षिण छत्तीसगढ़ में तूफान का ज्यादा असर, दंतेवाड़ा-सुकमा-बीजापुर के लिए रेड अलर्ट का दावा; रायपुर-दुर्ग समेत कई जिलों में सतर्कता की जरूरत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को लेकर मौसम की चिंता बढ़ गई है। राज्य के कई हिस्सों में बादल, तेज हवाओं और बारिश की स्थिति बनने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर को मौसम का असर अधिक रहने की आशंका जताई गई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में तेज हवाओं का खतरा बताया गया है, जबकि मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग सहित कई जिलों में भी आंधी-बारिश की चेतावनी का दावा किया गया है।
बताए गए पूर्वानुमान के अनुसार, बस्तर क्षेत्र में हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा और कुछ स्थानों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। रायपुर, दुर्ग और आसपास के इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने तथा अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन आंकड़ों और तूफान के नाम की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की आशंका
प्राप्त विवरण में 28 अक्टूबर के लिए दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में रेड अलर्ट बताए जाने का उल्लेख है। रायपुर, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट का दावा किया गया है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट की जानकारी दी गई है।
29 अक्टूबर के लिए बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में रेड अलर्ट बताए जाने की बात कही गई है। कोरबा, कोरिया, सूरजपुर, बेमेतरा, राजनांदगांव और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा रायपुर-दुर्ग समेत अन्य क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट का उल्लेख है। इन जिलावार चेतावनियों की पुष्टि मौसम विभाग की आधिकारिक बुलेटिन से की जानी चाहिए।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
बारिश और तेज हवाओं की आशंका के बीच किसानों को धान की कटाई फिलहाल टालने, कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा तिरपाल से ढंकने की सलाह दी गई है। इससे फसल को भीगने और नमी के कारण खराब होने से बचाया जा सकता है।
नागरिक बरतें सावधानी
तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, कमजोर मकानों, बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर से दूर रहें। आकाशीय बिजली चमकने पर खुले मैदानों में न रुकें और सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। जलभराव वाले रास्तों तथा उफनते नालों को पार करने से बचें। मौसम बिगड़ने पर प्रशासन की सलाह और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर ध्यान दें।
महत्वपूर्ण: मौसम संबंधी चेतावनी के दौरान जिला प्रशासन और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता दें।