विधिक अधिकारों, निःशुल्क कानूनी सहायता और नेशनल लोक अदालत के प्रति नागरिकों को किया जागरूक
पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दी गई जानकारी
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा विशेष स्टॉल लगाकर नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विजय कुमार होता के निर्देशन में पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में लगाए गए इस स्टॉल के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों, छात्र-छात्राओं और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी संरक्षण तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया।
स्टॉल में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। इसमें नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के उपयोग के बारे में बताया गया।
इसके साथ ही आपदा पीड़ितों, मानव तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण के पीड़ितों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा बच्चों के संरक्षण से संबंधित विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी दी गई। सुरक्षित बचपन अभियान, टोनही प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, भरण-पोषण, मोटरयान अधिनियम, एसिड हमले के पीड़ितों को सहायता, नशामुक्ति और बाल विवाह के दुष्परिणामों जैसे विषयों पर भी नागरिकों को जागरूक किया गया।
पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराधों पर विशेष जागरूकता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने स्टॉल पर पहुंचे जरूरतमंद नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में बच्चे की कथित सहमति को कानूनी सहमति नहीं माना जाता। इस दौरान अधिनियम के तहत निर्धारित दंडात्मक प्रावधानों और बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षित रखने के उपायों की जानकारी भी दी गई।
साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को लेकर भी आवश्यक सावधानियां बताई गईं।
न्यायालयों में लंबित मामलों के निराकरण की दी जानकारी
नागरिकों को बताया गया कि यदि उनका दीवानी, फौजदारी अथवा राजस्व संबंधी कोई प्रकरण उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, तहसील न्यायालय या अन्य न्यायालयों में लंबित है, तो वे विधिक मार्गदर्शन एवं सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव से संपर्क कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त तालुका विधिक सेवा समिति खैरागढ़, डोंगरगढ़, अंबागढ़ चौकी एवं छुईखदान में भी संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। आगामी नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों के निराकरण और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी भी दी गई।
राज्योत्सव में आने वाले नागरिकों के लिए सेल्फी जोन एवं न्याय वृक्ष भी स्थापित किया गया था। इनके माध्यम से नालसा की योजनाओं और विधिक जागरूकता के संदेशों को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया। स्टॉल के संचालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों ने भी सहयोग प्रदान किया।