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2 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से हो रहा आयुष पॉलीक्लीनिक का निर्माण , कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए काढ़ा का वितरण

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राजनांदगांव / शौर्यपथ / जनसामान्य को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। आयुर्वेद की विभिन्न उपचार विधियों से जिला आयुर्वेद विभाग द्वारा नागरिकों की सेवा की जा रही है। कोरोना माहमारी से बचाव के लिए जागरूकता एवं काढ़ा वितरित किया जा रहा है। विगत आठ माह में 21 स्थानों पर नियमित सेवाएं दी जाकर लगभग 20 हजार ग्रामवासियों का परीक्षण कर औषधि प्रदान किया गया।
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अरविंद मरावी ने बताया कि राजनांदगांव शहर के चिखली में आयुष पॉलीक्लीनिक का निर्माण 2 करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से किया जा रहा है। आयुर्वेदिक यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा की सुविधा के लिए अलग-अलग विंग बनाए जा रहे हैं, ताकि एक ही स्थान पर लोगों को समन्वित चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा। राजनांदगांव शहर में जिले एवं शहर के मरीजों को बेहतर आयुष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभी आयुष पॉलीक्लीनिक मोतीपुर में सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। कोरोना काल में क्षेत्र विशेष के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए काढ़ा वितरण किया जा रहा है एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पाम्पलेट के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। अब तक लगभग 25 हजार लोगों को काढ़ा पिलाया गया। जिला राजनांदगांव के 9 विकासखण्ड में कुल 53 आयुष संस्था के माध्यम से सेवाएं दी जा रही है।
जिले के जीर्ण रोगियों को आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा पंचकर्म का लाभ जिला स्तर पर आयुषविंग से मिल रहा है। शासन द्वारा 2018 में आयुषविंग के लिये नवीन भवन स्वीकृत कर निर्माणाधीन है, जिसमें आयुर्वेद के पंचकर्म चिकित्सा से जीर्ण रोगियों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वर्तमान में रोगियों को केरल या कर्नाटक के विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं में जाना पड़ता है, वह सुविधा यहां उपलब्ध कराई जा सकेगी। कोरोना काल में संस्था द्वारा रोगियों को ओपीडी में सामान्य पंचकर्म एवं औषधि वितरण किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन लगभग 40 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है, साथ ही कोरोना के प्रकोप काल में प्रतिदिन क्वाथ वितरण एवं शहर के विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जैसे बढ़ते कदम, आरोग्य भारती, लायंस क्लब, विभिन्न वार्ड के पार्षदों एवं राजनैतिक संस्थाओं के माध्यम से लगभग 50 हजार लोगों को काढ़ा वितरण किया गया।
ग्रामीण स्तरों पर आयुष के 47 केन्द्र संचालित है, जिनके द्वारा ग्राम स्तर पर ग्रामवासियों को चिकित्सा सुविधा आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के साथ-साथ छोटी-बड़ी बीमारियों में अत्याश्यक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे टीकाकरण, ए.एन.सी., स्कूल स्वास्थ्य परीक्षण, योग, स्वास्थ्य शिविर, ग्रामवासियों की आवश्यकता अनुसार रोगानुसार स्वास्थ्य शिविर, नेत्र परीक्षण, रक्त परीक्षण, जरा (वृद्ध) क्लीनिक, महिलाओं के लिये शिविर, जागरूकता शिविर आदि के द्वारा जनसामान्य को जागरूक एवं सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें विगत दो वर्षो में लगभग 5 लाख रोगियों का उपचार एवं औषधि प्रदान की गई। आयुष संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा अंतर्गत ग्रामवासियों को उनके आस-पास में ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
कोरोना काल में बागनदी चेक पोस्ट में स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच, कॉल सेन्टरों, कोविड सेन्टरों, आइसोलेशन सेन्टरों के साथ-साथ ग्राम में प्रवासी मजदूरों के लिए बनाये गये सेन्टरों में नियमित जांच एवं क्वाथ वितरण करते हुये चिकित्सा सुविधाएंं उपलब्ध कराई गई। राज्य शासन के द्वारा केन्द्रों में सुविधाएं उपलब्ध किया जाकर केन्द्रों को पूर्ण सुविधायुक्त बनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत आयुष के 53 केन्द्रों में से लगभग 10 केन्द्रों को नवीन भवन, 6 केन्द्रों में ऊर्जा संरक्षण अंतर्गत सौर पैनल, 45 केन्द्रों में जल संरक्षण अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग, पर्यावरण संरक्षण अंतर्गत 6 केन्द्रों में सघन वृक्षारोपण कर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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