गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष पर बापू और छत्तीसगढ़ पर केन्द्रित संगोष्ठी
मुजगहन के साहित्य सदन में हुआ संपन्न
धमतरी / शौर्यपथ / साहित्य सदन मुजगहन (धमतरी) में बापू और छत्तीसगढ़ गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर के निदेशक आशीष सिंह ठाकुर के निर्देशन, श्री प्रभात मिश्रा अखिल भारतीय साहित्य प्रदेश संयोजक के मार्गदर्शन एवं साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच के संयोजन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नी लाल साहू, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफे. सुरेश देशमुख एवं विशेष अतिथि धमतरी विधायक श्रीमती रंजना डिपेन्द्र साहू थे।
कार्यक्रम के मुख्यअतिथि चुन्नीलाल साहू सांसद ने हरिठाकुर स्मारक संस्थान, साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन का आभार मानते हुए कहा-आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस ऐतिहासिक दिन को भूलाया नहीं जा सकता। वीर नारायण सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने महासमुंद क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक घटनाओं को याद दिलाते हुए वीर सुरेन्द्र राय व लाल सिंह मांझी के शहादत को याद किया। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में छ.ग. के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कण्डेल नहर सत्याग्रह में यहां के क्रांतिकारियों के जोश भरने हेतु गांधी जी के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-यहां के शहीदों को वह स्थान आज नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं।
तमोरा और खरोरा के जंगल सत्याग्रह की घटनाओं को भी विस्तार से बताया। अहिंसा के पुजारी के रूप में यतियतन लाल के कार्यों को याद किया। कहा सभी राष्ट्रीय आन्दोलन जो छत्तीसगढ़ में हुए उसमें बापू के कारण यहां नया नेतृत्व मिला और बापू ने जोश भरने का काम किया। बापू का आर्शीवाद हमेशा छ.ग. को मिलता रहा।
विशेष अतिथि श्रीमती रंजना साहू विधायक ने कहा-राष्ट्रीय एकता के धरातल पर सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है। दे दी हमें आजादी तुने खडग बिना ढाल, साबरमती के संत तुने कर दिया कमाल। उन्होंने पूरे देश की एकता हेतु अपना जीवन लगा दिया। आगे कहा बीजेपी कभी गांधी जी का विरोध नहीं करती। जिन्होंने पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया उसकी आलोचना नहीं हो सकती। वे सदैव पूजनीय रहेंगे। उनकी स्मृति को नहीं भुलाया जा सकता। राष्ट्रपिता के विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
प्रोफे. सुरेश देशमुख ने गांधी जी को याद करने हेतु हरिठाकुर संस्थान और आशीष सिंह, प्रभात मिश्रा, डुमन लाल ध्रुव का आभार माना। उन्होंने गांधी जी के छत्तीसगढ़ प्रवास की घटनाओं को याद करते हुए कहा-किसानों द्वारा नहर सत्याग्रह हेतु एग्रीमेंट/दबाव के विवाद के समाधान हेतु गांधी जी के छत्तीसगढ़ आने एवं अंग्रेजों द्वारा आरोप लगाए गए पानी चोरी षड़यंत्र को विफल करने एवं 4304 रूपये जुर्माना लगाने को वापिस कराया गया। पं. सुन्दर लाल शर्मा, नारायण राव मेघावाले आदि के योगदान से किसानों पर लगाए जुर्माने को वापिस कराया गया। 20 दिसम्बर 1920 को रायपुर एवं 21 दिसम्बर 1920 को गांध्ी जी के आगमन से छत्तीसगढ़ और धमतरी गौरान्वित हुआ।
संस्कृति विभाग के पुरातत्वविद् अशोक तिवारी ने गांधी जी के छत्तीसगढ़ आगमन के कारण राष्ट्रीय आन्दोलन में बहुत प्रभाव पड़ा। इससे छत्तीसगढ़ में अधिक जागृति आयी। उन्होंने गांधी जी के सत्य के साथ प्रयोग और गांधी जी के प्रभाव से यहां उत्साह का संचार हुआ। यूएसए के नेता भी गांधी जी से प्रभावित थे। उन्होंने आगे कहा कि गांधी जी और गौतम बुद्ध आधुनिक युग के देवता माने जा सकते हैं। गांधी जी का सबसे बड़ा हथियार सत्याग्रह था। जितना महत्व मार्टिन लूथर का यूएसए मेें था वैसा ही भारत में गांधी जी का प्रभाव था। गांधी जी हिन्दू होने के साथ-साथ सभी धर्मों को समान महत्व देने वाले व्यक्ति थे।
रंगकर्मी आकाश गिरी गोस्वामी ने बापू के परिवेश में छोटेलाल श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप, पं. सुंदरलाल शर्मा आदि को याद करते हुए सभी के अमूल्य योगदान को संवाद के माध्यम से बताया। राष्ट्रीय आन्दोलन में इनके योगदान को कभी भूला नहीं जा सकता। पूरे देश को आपके किए प्रयास को अनुकरण करने की आवश्यकता है। वीर सेनानियों ने सत्य निष्ठा और शांति का जो प्रयास किया वह अविस्मरणीय है।
इस अवसर पर महात्मा गांधी के प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन के शताब्दी वर्ष पर कण्डेल नहर सत्याग्रह के अप्रतीम सेनानियों की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों का अभिनंदन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पं. सुन्दरलाल शर्मा परिवार से आशीष शर्मा, बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव परिवार से यतीन्द्र भूषण श्रीवास्तव, नत्थूजी जगताप परिवार से श्रीमती कविता बाबर को शाॅल, श्रीफल और गांधी जी की स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। तत्पश्चात् माननीय अतिथियों की उपस्थिति में चित्रकार श्री मनोहर दास द्वारा तैयार की गई पेंटिंग गांधी जी की जीवनी पर केन्द्रित का अनावरण किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रभात मिश्रा रायपुर एवं आभार प्रदर्शन साहित्य संगीत सांस्कृतिक मंच मुजगहन के अध्यक्ष डुमन लाल ध्रुव ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से साहित्यकार अरविंद मिश्रा, राकेश तिवारी, हीरालाल साहू, द्वारका प्रसाद तिवारी, मन्नम राना, चन्द्रशेखर साहू सरपंच, राजकुमार तिवारी, डाॅ. सरिता दोशी, डाॅ. हेमवती ठाकुर, डाॅ. आनन्द ठाकुर, विनोद जैन, जितेन्द्र प्रताप सिंह, चेतन हिन्दूजा, समृद्ध, अभिनन्यु, उपमन्यु, धनंजय त्रिपाठी, उमेश साहू सांसद प्रतिनिधि, कृष्णा मरकाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग, ओमप्रकाश नाग, हरिशंकर ध्रुव, मयंक ध्रुव, युवराज सोनकले मुख्य रूप से उपस्थित थे।