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मांग पूरा कराने सचिवों ने किया सद्बुद्धि यज्ञ और सत्यनारायण पूजा

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राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पंचायत सचिव शासकीयकरण की मांग को लेकर जनपद मुख्यालय के सामने हड़ताल पर बैठे हुए है। उन्हे हड़ताल पर गए एक पखवाड़े का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं हुई है। सरकार के रवैए को देखते हुए सचिवों ने शासन के ध्यानाकर्षण हेतु कई एजेंडा तय किए हुए है। जिसमें शासन को भीख मांगकर इक्कट्ठे किए हुए रुपयों को सीएम को भेजना, यज्ञ करना और भैंस के आगे बीन बजाना आदि शामिल है। इसी कड़ी में 10 जनवरी रविवार को जनपद पंचायत के सचिवों ने अपने स्तर पर धरनास्थल में ही सत्यनारायण की पूजा आयोजित कर सरकार की सद्बुद्धि हेतु यज्ञ किया गया। जिसमें ब्लॉक के सभी सचिव शत प्रतिशत उपस्थित रहे। पूजा और यज्ञ के बाद महिला सचिवों के साथ सचिवों के पत्नियों ने रामायण पाठ किया।
रामायण पाठ के माध्यम से सचिवों ने सरकार तक भगवान राम के आदर्श और सुशासक चरित्र का संदेश पहुंचाने की कोशिश की। जिसे भूपेश सरकार को भगवान के आदर्श को अपनाते हुए चरितार्थ करना चाहिए। वहीं इस यज्ञ और पूजा में रोजगार सहायक संघ भी शामिल हुए। ज्ञात हो कि रोजगार सहायक संघ भी अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत सचिवों के साथ करीब दस दिन से संयुक्त हड़ताल पर है।
इस तरह पंचायतों के कार्यपालक और जमीनी स्तर पर कार्यों को अमलीजामा पहनाने वाले कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से पंचायतों में पूरी तरह से कार्य थप हो चुका है और सभी पंचायतों में ताला जड़ा हुआ है। इससे ग्रामीण काफी परेशान है उन्हें जन्म मृत्यु, विवाह आदि जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है।
दूसरी ओर पंचायत सचिव और रोजगार सहायक संघ अपनी मांगों को लेकर तटस्थ है। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक वे डटे रहेंगे। जिला अध्यक्ष रामदुलार साहू का कहना है कि हम 3 दशक से अल्पवेतन में कार्य करते आ रहे हैं, लेकिन इससे हमारे परिवार का भविष्य गर्त में जाता दिख रहा है। हम न इधर के रहे न उधर के। कुछ साल बाद हम रिटायर हो जाएंगे फिर हमारे परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा? हमें तो न पेंशन मिलता है न ही कोई अन्य सुविधा-भत्ता। ये अब हमारी आखिरी लड़ाई है।
इस दौरान धरना स्थल पर जिलाध्यक्ष रामदुलार साहू के साथ ब्लॉक अध्यक्ष यशवंत जंघेल, सचिव महेंद्र कुमार साहू एवं अन्य पदाधिकारीगण और सचिव उपस्थित रहें।

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शौर्यपथ

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