कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में चिन्हांकित गौठानों में बहुउद्देशीय कार्य संचालित करने के दिए निर्देश
धमतरी / शौर्यपथ / जिले की मुरूम खदानों का सर्वेक्षण कराकर उपयुक्त जगहों में मछलीपालन किया जाएगा। आज सुबह आयोजित समय-सीमा की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने सहायक संचालक मछलीपालन को निर्देशित किया कि एक हेक्टेयर या इससे अधिक रकबा वाली खदानें, जहां पानी की उपलब्धता हो, उनमें मछलीपालन के लिए कार्ययोजना तैयार करें तथा उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई करें, जिससे रिक्त भूखण्डों का सदुपयोग कर आय का जरिया सुनिश्चित किया जा सके। सहायक संचालक ने बताया कि पिछले माह किए गए सर्वे में 80 मुरूम खदानें चिन्हांकित की गई हैं जिनका कुल रकबा 182.715 हेक्टेयर है।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सुबह 11.00 बजे आयोजित बैठक में कलेक्टर ने जोगीडीह के 170 विस्थापित ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए एसडीएम धमतरी को टीम गठित कर पूरे ग्राम का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए तथा 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। धान खरीदी के बारे में पूछे जाने पर खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में धान-खरीदी का कार्य निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हो गया तथा वर्तमान में धान का उठाव धीमा है। उन्होंने बताया कि नए बारदानों की आवक नहीं होने की वजह से उठाव वांछित गति से नहीं हो पा रहा है। नोडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक ने बताया कि जिले में 802 करोड़ 96 लाख रूपए का धान खरीदा गया है जिसमें से 798 करोड़ रूपए की राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जमीन खरीदी-बिक्री की रजिस्ट्री के एक माह के भीतर नामांतरण अनिवार्य रूप से हो जाना चाहिए। इसी तरह फर्द बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व मामलों की समीक्षा अगली आर.ओ. मीटिंग से पूर्व करने के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने सीमांकन के छह माह से अधिक लंबित प्रकरणों की सूची तैयार करने उनके शीघ्र निराकरण के लिए सभी एसडीएम को पृथक से समीक्षा करने के लिए कहा।
बैठक में कलेक्टर ने चिन्हांकित 20 गौठानों में बहुउद्देशीय कार्य संचालित करने के लिए स्वसहायता समूहों की बैठक लेकर नवीन कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाने के लिए निर्देशित किया। कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले के 180 गौठानों में गोबर-खरीदी जारी है, जहां प्रतिदिन 2200-2300 क्विंटल गोबर की आवक हो रही है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आबंटन का उपयोग चालू वित्तीय वर्ष अनिवार्यतः करने तथा बजट लैप्स नहीं करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा अंतर्विभागीय समन्वय के प्रकरणों में भी कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को परस्पर सामंजस्य के साथ लंबित कार्यों को निराकृत करने के निर्देश दिए। बैठक में डीएफओ श्रीमती सतोविशा समाजदार, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।