राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिले में आजकल समस्त विकासखंड में कही-कही आंधी तुफान के साथ वर्षा हो रही है, जिन गांवों की खेतों के मिट्टी में हल चलाने लायक नमी है, वे सभी नमी का लाभ उठाते हुए ग्रीष्मकालीन जुताई करें तथा जिन किसानों कीे खेत के मिट्टी में नमी हल चलाने लायक नहीं है, वे इन्तजार करें तथा जैसे हल चलाने हेतु पर्याप्त वर्षा होती है, खेतों की ग्रीष्म कालीन जुताई करें।
उप संचालक कृषि जीएस धु्रर्वे ने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि ग्रीष्मकालीन जुताई दो प्रकार से की जा सकती है, पहला मिट्टी पलटने वाली हल से तथा दूसरा देशी हल अथवा कल्टीवेटर से। मिट्टी पलटने वाली हल से खेत की जुताई 3 साल में एक बार अवश्य करना चाहिए।