० योग दिवस विशेषः योग-क्रिया से लाभान्वित लोगों ने साझा किए अनुभव
० योग शुरू करने के लिए किसी बीमारी के आने का इंतजार न करें
राजनांदगांव /शौर्यपथ / बात बमुश्किल 15 मिनट की है। 15 मिनट की नियमित योग-क्रिया से स्वस्थ-सेहतमंद लंबी उम्र के लिए शरीर में नई ऊर्जा और ताजगी लाई जा सकती है। कोरोना संक्रमण के दौर में भी योगाभ्यास के कई फायदे सामने आए हैं और जो लोग योग की बारीकियां या इसके फायदे समझ चुके हैं, उनका यही कहना है कि, योग सबके लिए है। योग कीजिए और फर्क खुद देख लीजिए।
योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है, विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। वर्तमान की बदलती जीवन-शैली में योग एक चेतना बनकर, जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद कर सकता है। ऐसे विचारों के साथ हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 21 जून 2015 से की गई है। कोरोना संक्रमण के खतरे को लेकर एहतियात बरतते हुए योगाभ्यास का आयोजन इस साल भी वर्चुअल ही किया जाएगा। सामूहिक न सही, लोग अपने घर पर ही योग कर सकेंगे।
योग दिवस विषय पर कोरोना संक्रमण के पश्चात स्वस्थ हो चुके लोगों से बातचीत में यही बाद फिर सामने आई कि, स्वस्थ जीवन-शैली के लिए योग काफी महत्वपूर्ण है। शहर के युवक नीरज चौहान (बदला हुआ नाम) ने बताया, मैं फरवरी में कोरोना पाजिटिव हुआ था, लेकिन स्वस्थ होने के बाद भी शारीरिक कमजोरी थी। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर योग करना शुरू किया और अब नियमित रूप से हर दिन योग करता हूं। नीरज बताते हैं, योग का ही नतीजा है कि मैं अब पहले से काफी स्वस्थ हूं तथा दिनभर तरो-ताजा महसूस करता हूं। योग सभी को करना चाहिए। सुनील उर्वशा (बदला हुआ नाम) लगभग दो माह पहले टायफाइड से पीड़ित थे। उपचार के बाद वह बहुत हद तक स्वस्थ तो हुए, लेकिन शरीर में थकान और दर्द का अनुभव हो ही रहा था। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के दौरान उनके डॉक्टर ने उन्हें नियमित योग करने की भी सलाह दी थी। इस पर उन्होंने योगासन शुरू किया और अब इसका फायदा भी दिखने लगा है। थकान या दर्द की शिकायत अब न के बराबर है।
सुनील ने बताया, योग के लिए मैं हर दिन बमुश्किल 15 मिनट का समय निकालता हूं और यही 15 मिनट मेरे लिए वरदान साबित हो रहे हैं। शिक्षिका रोशनी देवांगन (बदला हुआ नाम) अप्रैल महीने में कोरोना संक्रमित हो गईं थी तथा उनकी हालत काफी गंभीर थी, लेकिन अब वह स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया, कोरोना से ठीक होने के बाद शरीर में कमजोरी बहुत है। इसमें सुधार के लिए डॉक्टर की सलाह से दवाइयां चल रही हैं तथा हर दिन योगा भी करती हूं। योग को मैंने अब अपनी दिनर्चया में शामिल कर लिया है। लगभग डेढ़ महीने से जारी योग का फायदा मुझे स्पष्ट महसूस होने लगा है। मेरा मानना है कि, योग शुरू करने के लिए किसी बीमारी के आने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि यह समझना चाहिए कि योग करते रहेंगे तो रोगों से काफी हद तक बच सकते हैं। योग के परिणाम स्वरूप मैं खुद को अब काफी स्वस्थ महसूस कर रही हूं।