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सुकमा : मंत्री लखमा ने सगुनघाट में बारु नदी पर पुल निर्माण का किया भुमिपूजन

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सुकमा /शौर्यपथ/

छिंदगढ़ ब्लॉक के ग्राम सगुनघाट में आज प्रदेश के उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने बारु नदी पर पुल निर्माण के लिए शिलान्यास किया। बारु नदी पर बनाए जाने वाले 168 मीटर पुल से सगुनघाट और गुपनपाल के मध्य की अतिरिक्त दूरी कम हो जायेगी। मंत्री लखमा ने बारु नदी पर पुल निर्माण और पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए भूमिपूजन किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी, छिन्दगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष देवली बाई नाग, सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ साहू, जिला पंचायत सदस्य राजू राम नाग, सगुनघाट ग्राम पंचायत सरपंच हड़मा राम मंडावी, जनपद सदस्य गण, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

उद्योग मंत्री लखमा ने बारु नदी पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन पर ग्रामीणों को बधाई देते हुए अपने संबोधन में कहा कि जिले के विकास के लिए सड़क और नदी पर सुगम आवागमन के लिए पुल का होना सबसे महत्वपूर्ण है। 990.36 लाख की लागत से निर्माण होने वाले इस पुल से सगुनघाट, लेदा, पुसपाल, रेड्डीपाल, बदनपाल, कुमाकोलेंग, चितलनार, किकिरपा और तुमुकपाल सहित 9 ग्राम के लगभग 10 हजार ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी। ग्रामीण विकास में आवागमन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को शासन की प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि शासन किसानों के हित के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहें हैं। किसानों को जहां उनकी उपज का सही दाम मिल रहा है वहीं शासन द्वारा अब भूमिहीन कृषकों को भी राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत 6 हजार रुपए प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना अदि के तहत भी आर्थिक लाभ प्रदाय किया जा रहा है। आदिवासी अंचल में आदिवासी संस्कृति, रीति रिवाज और आस्था के विकास के लिए देवगुड़ी निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा कुपोषण को मात देने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी में बच्चों और महिलाओं को अंडे प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे सुकमा जैसे घोर आदिवासी अंचल मे भी कुपोषण में कमी आई है। उन्होंने छिन्दगढ़ ब्लॉक के तोंगपाल में खेल मैदान बनाए जाने की घोषणा की।

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