*नरेश देवांगन की खास रिपोर्ट*
जगदलपुर, शौर्यपथ। जिला मुख्यालय से महज 17 किलोमीटर दूर उड़ीसा बॉर्डर ग्राम धनपुंजी में रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर का संचालन बिना नर्सिंग होम पंजीयन किये ही डॉक्टर की अनुपस्थिति में ईसीजी, एक्स-रे व खून का सैंपल अप्रशिक्षित युवक के द्वारा किया जा रहा है। जिसकी लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मिलने के बाद भी कार्यवाही नहीं की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर का संचालन ग्राम धनपुंजी में रायपुर के डॉक्टर हर्षद रूपरेला नामक व्यक्ति के द्वारा किया जा रहा है। डाइगोनास्टिक सेंटर पर कुछ युवक बिना डिग्री के ईसीजी, एक्स-रे, खून की जाँच कर रहे है। वही काम कर रहे युवक का कहना है की डॉक्टर रायपुर में रहते है हम लोग ब्लड निकाल सेम्पल रायपुर भेज देते है, जिसके बाद वही से जाँच होने के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन हमें मेल, व्हाट्सप्प के माध्यम से प्राप्त हो जाता है। वही खून की जाँच कराने आये धनपुंजी के एक युवक ने नाम नहीं छापने की शर्त में बताया की नगरनार एनएमडीसी में काम करने के लिए मेडिकल परिक्षण टेस्ट रिपोर्ट की आवश्यकता होती है जिसकी जाँच करा रिपोर्ट के लिए वह डाइगोनास्टिक सेंटर आया है, उसने यह भी बताया की यह डाइगोनास्टिक सेंटर काफ़ी समय से यहाँ संचालन किया जा रहा है, प्रतिदिन यहाँ काफ़ी भीड़ लगी रहती है। विभागीय सूत्र बताते है की रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर का संचालन के लिए विभाग में नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन के लिए आवेदन किया गया है, लेकिन अनुमति विभाग के अधिकारी ने नहीं दी है। बावजूद इसके भी रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर का संचालन किया जा रहा है। अब सवाल यह गहरा रहा है की विभाग के अनुमति के बिना आवेदन करने मात्र से डाइगोनास्टिक सेंटर का संचालन किया जा सकता है क्या ? यदि किसी कारण से अनुमति नहीं मिलती है तो पूर्व में किये गए जाँच का क्या होगा? वही इस मामले में जानकारों का कहना है की डाइगोनास्टिक सेंटर संचालन के लिए नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन कर लैब टेक्नीशियन व डॉक्टर की मौजूदगी में कार्य संचालन किया जाना है। बावजूद इसके भी विभाग की उदासीनता की वजह से रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर में नियमों को ताक पर रख कर बिना डिग्रीधारी युवक से जांच करवा लोगो की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है? जिसकी लिखित शिकायत विभाग को मिलने के बाद भी जिम्मेदार मूकदर्शक बन बैठे है,मानो किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहे हो?
इस मामले पे मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री बशाख का कहना है की उनके द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन के लिए आवेदन किया गया है...लेकिन विभाग से कोई अनुमति नहीं दी गई हैं। इस पर बहुत जल्द कार्यवाही की जाएगी ।