नरेश देवांगन कि खास रिपोर्ट
जगदलपुर, शौर्यपथ। 24 सितंबर को शौर्यपथ ने एक खबर प्रकशित कि थी कि उड़ीसा बॉर्डर ग्राम धनपुंजी में रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर का संचालन बिना नर्सिंग होम पंजीयन किये ही डॉक्टर की अनुपस्थिति में ईसीजी, एक्स-रे व खून का सैंपल अप्रशिक्षित युवक के द्वारा किया जा रहा है, जिसकी विभाग को एक लिखित शिकायत भी मिली है. बावजूद इसके भी लगभग दो हफ्ते पुरे होने को है विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया है, यही कारण है कि रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर के संचालक बिना किसी डर के नियमों को ताक पर रखकर संचालन कर रहे है. विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को लिखित शिकायत व खबरों के माध्यम से जानकारी दी गई कि बिना लैब टेक्नीशियन व डॉक्टर की मौजूदगी में कार्य संचालन किया जा रहा है संज्ञान में लाने के बाद भी अधिकारी संवेदनशील नहीं दिखाए दे रहे है. अब देखने वाली बात है कि विभाग के जिम्मेदार कब कुंभकरनी नींद से जागते है ओर मामले को गंभीरता से लेकर कार्यवाही करते है ? जबकि पूर्व में मुख्य चिकत्सा अधिकारी व स्वास्थ्य अधिकारी ने इस मामले में बहुत जल्द जाँच कर कार्यवाही करने कि बात कही थी बावजूद इसके भी साहब कि ऐसी क्या मज़बूरी है कि लगभग दो हफ्ते होने को है कार्यवाही नहीं कर साहब मूकदर्शक बन बैठे है? इस मामले में साहब कार्यवाही करने में रूचि नहीं ले रहे है या रूपारेला डाइगोनास्टिक सेंटर पर कार्यवाही करने में साहब के पसीने छूट रहे है?