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हल्बाकचोरा में पशु मेला सह पशु प्रदर्शनी का आयोजन, पशुपालकों को किया गया सम्मानित

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जगदलपुर, शौर्यपथ। राज्य शासन की पशुधन संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता एक बार फिर जमीन पर नजर आई, जब पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत हल्बाकचोरा (शासन कचोरा) में शनिवार को भव्य पशु मेला सह पशु प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल पशुपालकों को नई दिशा दी, बल्कि क्षेत्र में उन्नत पशुपालन के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।

सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी कलचा बृजमोचन देवांगन ने बताया कि विभाग लगातार पशुपालकों को आधुनिक तकनीक, उन्नत नस्ल एवं वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दे रहा है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष पदलाम नाग रहे। उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम बघेल, कृषि एवं पशुधन सभापति भूपेंद्र ठाकुर, जनपद सदस्य श्रुति शर्मा, सरपंच जयमनी कश्यप एवं उप सरपंच लोकनाथ बघेल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर उप संचालक डॉ. जे. तिग्गा ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शीतला मंदिर में दीप प्रज्वलित कर देवी के आशीर्वाद के साथ किया गया, जिससे पूरे आयोजन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

मेले में दुधारू गाय, देसी भैंस वंश, बकरी-भेड़, बतख एवं कुक्कुट वंश के साथ-साथ असील प्रजाति और हरियाणा नस्ल के बैलों की आकर्षक प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया। पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने श्रेष्ठ पशुओं का प्रदर्शन किया।

विशेष रूप से कृत्रिम गर्भाधान से उत्पन्न उत्कृष्ट दुधारू पशु, उन्नत नस्ल के बकरों (जमुनापारी) एवं बेहतर कुक्कुट वंश के पक्षियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर पशुपालकों को प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया गया। इससे पशुपालकों में नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा की भावना देखने को मिली।

कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. गीतिका ध्रुव, डॉ. योगेश देवांगन, डॉ. नंदकिशोर मांझी, डॉ. अभिषेक तिर्की, डॉ. सिन्हा सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही कामधेनु विश्वविद्यालय जगदलपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, प्राचार्य एवं स्टाफ की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया।

ग्रामीणों एवं पशुपालकों ने राज्य सरकार एवं पशुधन विकास विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

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Naresh Dewangan

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