दुर्ग/ शौर्यपथ/
दुर्ग नगर पालिक निगम में भ्रष्टाचार दिनों दिन अपने विकराल रूप में तेजी से पैर पसार रहा है कहने को तो दुर्ग निगम आयुक्त के पद में प्रशासन ने संयुक्त कलेक्टर के अधिकारियों की नियुक्ति कर सुशासन की बात सोची थी किंतु अधिकारी भी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के विश्वास के और जानकारी के दम पर ही प्रशासन को सुचारू से चलाता है किंतु दुर्ग के बाजार विभाग में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें वर्तमान आयुक्त हरेश मंडावी ने जिस दुकान संचालक पर समय पर भुगतान ना करने के एवज में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एफ आई आर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया था उसी दुकानदार को बाजार विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दुकान संचालित करने के लिए जगह का आवंटन कर दिया गया है । जिस दुकानदार पर कार्यवाही होनी चाहिए जिसकी जानकारी बाजार प्रभारी को भी थी ऐसे ही संचालक को फिर से जगह आवंटित कर दिया गया।
मामला है राजेन्द्र पार्क स्थिति निगम के जगह का जहां पर तात्कालिक संचालक इमरान के द्वारा पिछले साल निगम के राजस्व का भुगतान न करने पर निगमायुक्त मंडावी के द्वारा कार्यवाही करने का आदेश दिया गया था उसी संचालक ने अपने नौकरों के नाम पर फिर से आवेदन कर जगह पर अपना कब्जा कर दुकान संचालित कर लिया और यह सब बाजार अधिकारी थान सिंह यादव के नजरों के सामने घटित होता रहा ।
आज नगर पालिक निगम दुर्ग राजस्व के मामले में खस्ताहाल स्थिति में है ऐसे में संचालक इमरान द्वारा भुगतान न करने के बावजूद संचालक इमरान के दुकान में नौकरी कर रहे लोगों के नाम पर फिर से उसी स्थान को आवंटित कर संचालन के लिए दे दिया गया कहने का अर्थ यह है कि सिर्फ नाम ही परिवर्तन हुआ किंतु संचालन उसी संचालक द्वारा निगम के पैसे को गबन कर पुन: किया जा रहा है ।
आयुक्त मंडावी एवम् बाजार विभाग के नोडल अधिकारी को अंधेरे में रख कर इस तरह पद का लाभ उठाकर अवैधानिक कार्य कर रहे बाजार अधिकारी थान सिंह यादव पर निगम प्रशासन क्या कार्यवाही करेगा ।
बता दे कि इसी अधिकारी थान सिंह यादव पर पार्किंग घोटाले में अनियमितता का आरोप लगा है और राजस्व भरपाई का आदेश भी पारित हुआ है जिसे अधिकारी द्वारा जमा नहीं किया गया ।