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भिलाई।
भिलाई नगर थाना क्षेत्र के माया नगर एचएससीएल कॉलोनी में घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां छोटे भाई ने गुस्से में अपने बड़े भाई पर धारदार लोहे के रापा से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बड़े भाई की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद भिलाई नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना 10 मई 2026 की है। माया नगर एचएससीएल कॉलोनी, रुआबांधा सेक्टर में रहने वाले दो सगे भाइयों के बीच घरेलू बात को लेकर विवाद और मारपीट की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही भिलाई नगर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी मनोज यादव ने अपने बड़े भाई अशोक यादव पर घर में रखे धारदार लोहे के रापा से हमला कर दिया। आरोपी ने अशोक यादव के सिर और कनपटी पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया।
घायल अशोक यादव को तत्काल जिला चिकित्सालय दुर्ग ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा अस्पताल रायपुर रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मामले में थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 249/2026 के तहत प्रारंभ में धारा 109(1) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था। पीड़ित की मृत्यु के बाद प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) जोड़ी गई। पुलिस ने आरोपी मनोज यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की और विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार लोहे का रापा भी जप्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में घटना का कारण घरेलू एवं पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है।
भिलाई नगर पुलिस की इस मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की जा रही है। वहीं दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि घरेलू या आपसी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें तथा किसी भी विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन और ऑनलाइन एप के माध्यम से आईपीएल मैचों में हार-जीत पर दांव लगाकर अवैध रूप से सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, नगदी रकम और सट्टा लेखा-जोखा से जुड़ी सामग्री जप्त की गई है।
मामले की शुरुआत 12 अप्रैल 2026 को हुई, जब थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के कंडरापारा इलाके में मुखबिर से सूचना मिली कि ऋषभ नगर निवासी विकास जैन अपने घर से आईपीएल टी-20 मैच चेन्नई और दिल्ली के बीच खेले जा रहे मुकाबले पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की। मौके पर तीन व्यक्तियों को मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित करते पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम विकास जैन, रौनक ताम्रकार और प्रवीण ताम्रकार बताए।
पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित सामग्री जप्त की थी।
प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 187/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 6, 7 एवं बीएनएस की धारा 112(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस को अन्य आरोपियों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब और प्रकाश सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उनके कब्जे से चार अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन जप्त किए गए।
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
जप्त किए हैं। कुल जप्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 89,810 रुपये बताई गई है।
इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली एवं एसीसीयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों और जवानों की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से संगठित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का खुलासा हो सका।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अवैध सट्टा, जुआ अथवा ऑनलाइन अवैध गतिविधियों से दूर रहें। पुलिस ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अवैध सट्टा संचालन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भिलाई-3: रेलवे प्रशासन ने भिलाई-3 क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। रेलवे की बेशकीमती भूमि को खाली कराने के लिए 48 से अधिक परिवारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है।
? कार्रवाई का मुख्य कारण: 'वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट' का निर्माण
रेलवे विभाग के अनुसार, जिस जमीन पर वर्तमान में कब्जा है, वहां एक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर शुरू करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
? नोटिस की मुख्य बातें
आदेश की जानकारी: रायपुर के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) एवं राजसंपदा अधिकारी ने आदेश क्रमांक "बलवंत नेताम +45 अन्य/46/2025" के तहत यह नोटिस जारी किया है।
समय सीमा: कब्जाधारियों को 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
चेतावनी: यदि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो रेलवे स्वयं प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई कर इसे ध्वस्त कर देगा। कार्रवाई के दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कब्जाधारियों की होगी।
?️ प्रभावित परिवारों में रोष, महापौर से लगाई गुहार
नोटिस जारी होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और महापौर निर्मल कोसरे से मुलाकात की। निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली से उनके सामने छत का संकट खड़ा हो गया है। उनकी मांग है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के उन्हें न हटाया जाए।
? महापौर का रुख: "मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी"
भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे ने इस मामले में प्रभावित परिवारों का समर्थन किया है। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु:
मानवीय संवेदना: उन्होंने रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।
प्राथमिकता: महापौर ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन गरीब परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निगम का साथ: निगम प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनकी बात शासन व रेलवे तक पहुंचाकर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि रेलवे की विकास योजना और गरीब परिवारों के आशियाने के बीच प्रशासन क्या बीच का रास्ता निकालता है।
भिलाई: मानसून की तैयारियों और वार्ड क्रमांक 01 में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर, निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन-1 का व्यापक दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की समीक्षा और शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना था।
? मुख्य निरीक्षण बिंदु और निर्देश
1. भेलवा तालाब: सौंदर्यीकरण और संधारण
नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
स्वच्छता: तालाब के चारों ओर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
सुविधाएं: खेल उपकरणों की मरम्मत और परिसर के आवश्यक संधारण (Maintenance) कार्य तत्काल किए जाएं।
नागरिक सेवा: नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता पर हो।
2. मानसून पूर्व तैयारी: नाला सफाई और रिटर्निंग वॉल
वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आयुक्त ने सख्ती दिखाई:
संजय नगर नाला: नाले की गाद (Silt) निकालने का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जल प्रवाह सुगम रहे।
गुणवत्ता: रिटर्निंग वॉल के निर्माण में सामग्री और कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की हिदायत दी।
डेडलाइन: सभी निर्माण कार्य वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं।
3. आदर्श आचार संहिता और संपत्ति विरूपण
वार्ड क्रमांक 01 में आगामी उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, जिसे लेकर आयुक्त ने कड़े कदम उठाए:
पोस्टर-बैनर पर कार्रवाई: सार्वजनिक दीवारों और सरकारी संपत्तियों पर अवैध रूप से लगे पोस्टर, बैनर और वॉल पेंटिंग को तत्काल हटाने (संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत) के निर्देश दिए।
निर्माण पर रोक: वार्ड 1 की सीमा के भीतर कोई भी नया निर्माण कार्य प्रारंभ न करने के आदेश दिए गए।
समीक्षा: लोक निर्माण विभाग द्वारा पहले से चल रहे रोड और नाली निर्माण कार्यों का मौके पर अवलोकन किया गया।
? आयुक्त का वक्तव्य
"शहर की स्वच्छता और व्यवस्थित विकास हमारी प्राथमिकता है। मानसून से पहले सभी नालों की सफाई और रिटर्निंग वॉल का कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। साथ ही वार्ड 1 में आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए संपत्ति विरूपण पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।" — राजीव कुमार पांडेय, आयुक्त
? निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी
इस दौरान आयुक्त के साथ मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:
ऐशा लहरे (जोन आयुक्त)
जावेद अली (स्वास्थ्य अधिकारी)
अंकित सक्सेना (सहायक जोन स्वास्थ्य अधिकारी)
संबंधित क्षेत्रों के स्वच्छता निरीक्षक एवं अन्य कर्मचारी।
भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भाजपा नेत्री सुषमा जेठानी को सिंधी साहित्य अकादमी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भिलाई-3 सिंधी पंचायत द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा नेता राकेश पाण्डेय ने सुषमा जेठानी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सिंधी साहित्य, भाषा और संस्कृति को नई दिशा एवं पहचान मिलेगी। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने संगठन की ओर से शुभकामनाएं देते हुए इसे समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से सुषमा जेठानी का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भिलाई-3 पंचायत अध्यक्ष शमन लाल नथानी, वैशाली नगर श्रीराम सिंधी पंचायत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में अजय भसीन ने कहा कि सुषमा जेठानी सरल, सहज और समाजसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं तथा उनकी नियुक्ति से समाज को नई ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम में खुर्सीपार पंचायत, सेक्टर-4 सिंधी पंचायत सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ
भीषण गर्मी से जूझ रहे दुर्ग शहर में जहां आम नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, वहीं जनहित के लिए लगाए गए वाटर एटीएम अब कथित तौर पर “जल व्यापार” का माध्यम बनते नजर आ रहे हैं। इंदिरा मार्केट स्थित वाटर एटीएम संचालक पर पानी की कालाबाजारी और मनमाने दामों पर बिक्री के गंभीर आरोप लगे हैं।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों के अनुसार, जिस वाटर एटीएम से पहले ₹10 में पूरा केन भर जाता था, अब ₹15 से ₹20 डालने के बाद भी केन पूरा नहीं भर पा रहा। आरोप है कि एटीएम संचालक के कर्मचारी अंदर से पाइप के माध्यम से बड़े केनों में पानी भरकर ई-रिक्शा के जरिए दुकानों तक पहुंचा रहे हैं और एक केन ₹30 से ₹40 तक में बेचा जा रहा है।
शौर्यपथ टीम के पास इस पूरे मामले के वीडियो फुटेज मौजूद हैं, जिसमें कथित तौर पर वाटर एटीएम से बड़े पैमाने पर पानी भरकर निजी बिक्री किए जाने के दृश्य कैद हैं।
जनहित की योजना या निजी कमाई का जरिया?
नगर निगम द्वारा शहर में वाटर एटीएम आम जनता को राहत देने और लागत मूल्य पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए थे। लेकिन आरोप है कि ठेकेदारों की मनमानी ने इस योजना की मूल भावना को ही प्रभावित कर दिया है।
व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो महीनों से यह खेल लगातार चल रहा है और प्रतिदिन सैकड़ों केन पानी निजी रूप से बेचा जा रहा है। इससे निगम प्रशासन को लाखों रुपए के संभावित राजस्व नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
जल विभाग भी हुआ सख्त
मामले में जब जल विभाग प्रभारी से चर्चा की गई तो उन्होंने इस पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई। विभागीय प्रभारी ने वीडियो फुटेज मांगते हुए मामले की जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निगम प्रशासन और जल विभाग इस मामले में केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाएंगे, या फिर वास्तव में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई होगी।
भ्रष्टाचार पर कार्रवाई या फिर लीपापोती?
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव लगातार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की बात कर रहे हैं। ऐसे में दुर्ग निगम प्रशासन और शहरी सरकार के सामने अब यह एक बड़ी परीक्षा बन गई है कि जनहित की योजना में कथित गड़बड़ी करने वालों पर वास्तव में सख्त कदम उठाए जाते हैं या फिर मामला नोटिस और चेतावनी तक सीमित रह जाता है।
भीषण गर्मी के बीच पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता पर मुनाफाखोरी का यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
दुर्ग।
ग्राम पंचायत समोदा में अफीम कांड के खुलासे को लेकर सुर्खियों में आए सरपंच अरुण गौतम अब खुद कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। पंचायत चुनाव में दिए गए शपथ-पत्र में आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने के आरोप में उनका निर्वाचन न्यायालय द्वारा शून्य घोषित कर दिया गया है। यह फैसला न सिर्फ समोदा बल्कि पूरे जिले की पंचायत राजनीति में बड़ा संदेश लेकर आया है।
⚖️ कोर्ट का सख्त रुख, निर्वाचन हुआ शून्य
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी, दुर्ग द्वारा 5 मई 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि अरुण गौतम ने नामांकन के दौरान दाखिल शपथ-पत्र (प्ररूप-4-ख-01) में अपने विरुद्ध लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी जानबूझकर छुपाई।
इसे छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 31(क) का उल्लंघन मानते हुए उनका चुनाव रद्द कर दिया गया।
? याचिका से खुला मामला
यह पूरा मामला याचिकाकर्ता श्रीमती भुनेश्वरी देशमुख द्वारा दायर चुनाव याचिका से सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
गौतम ने आपराधिक प्रकरणों को छुपाकर मतदाताओं को भ्रमित किया
नामांकन प्रक्रिया में गलत जानकारी देकर चुनाव लड़ा
कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेजों में थाना पुलगांव के कई गंभीर मामलों का उल्लेख किया गया, जिनमें हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC) जैसे आरोप भी शामिल हैं।
? कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां
रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा पहले आपत्ति खारिज करना नियम विरुद्ध पाया गया
सुनवाई के दौरान तथ्य स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुए
शपथ-पत्र में जानकारी छुपाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छल माना गया
? अब क्या होगा आगे?
अरुण गौतम का सरपंच पद तत्काल प्रभाव से समाप्त
जनपद पंचायत दुर्ग को उप-चुनाव (Bye-election) की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी
याचिकाकर्ता को 500 रुपये की प्रतिभूति राशि वापस करने का आदेश
?️ पृष्ठभूमि: कड़ा मुकाबला, अब पूरा उलटफेर
2025 के पंचायत चुनाव में अरुण गौतम को 869 वोट मिले थे, जबकि भुनेश्वरी देशमुख को 741 वोट प्राप्त हुए थे।
चुनाव परिणाम के बाद ही शपथ-पत्र को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिसे बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुनः सुनवाई में लिया गया और अब यह बड़ा फैसला सामने आया।
⚠️ राजनीतिक और सामाजिक संदेश
यह निर्णय स्पष्ट संकेत देता है कि पंचायत चुनावों में भी पारदर्शिता और सच्चाई से कोई समझौता नहीं होगा।
शपथ-पत्र में जानकारी छुपाना अब सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि लोकतंत्र के साथ धोखा माना जा रहा है।
? अपडेट
अरुण गौतम की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, आगे इस फैसले को चुनौती देने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
? निष्कर्ष:
समोदा का यह मामला अब एक मिसाल बन गया है—जहां सच छुपाने की कीमत सत्ता गंवाकर चुकानी पड़ी। पंचायत स्तर से लेकर बड़े चुनावों तक, यह फैसला आने वाले समय में प्रत्याशियों के लिए एक कड़ा संदेश है।
16 जिलों के समाजजन पहुंचे दुर्ग, पटेल चौक पर चक्का जाम… देवालय खोलने और नए अध्यक्ष को भवन सौंपने की मांग
दुर्ग। केंद्रीय गोंडवाना धमधागढ़ देवालय एवं गोंडवाना भवन को लेकर आदिवासी समाज में लंबे समय से चल रहा विवाद सोमवार को खुलकर सड़क पर दिखाई दिया। समाज के आस्था केंद्र माने जाने वाले इस देवालय में तालाबंदी की कार्रवाई के विरोध में 16 जिलों से पहुंचे समाजजनों ने पहले जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और बाद में अचानक पटेल चौक पर चक्का जाम कर दिया।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गोंडवाना धमधागढ़ देवालय गोंडवाना समाज का एक प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र है, जहां वर्षों से समाज के धार्मिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। पिछले लगभग 20 वर्षों तक संस्था के अध्यक्ष रहे एम.डी. ठाकुर हाल ही में हुए चुनाव में पराजित हो गए थे, जिसके बाद कमलेश ध्रुव नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
हालांकि चुनाव संपन्न होने के बाद भी भवन और देवालय के संचालन को लेकर विवाद समाप्त नहीं हो सका। समाज के लोगों का आरोप है कि कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक पेचीदगियों का हवाला देकर गोंडवाना भवन एवं देवालय में तालाबंदी कर दी गई, जिससे समाज की धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में समाजजन जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और देवालय को तत्काल खोलने तथा भवन का संचालन नव-निर्वाचित अध्यक्ष को सौंपने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब समस्या का तत्काल समाधान नहीं निकलता देख समाज के लोगों ने अचानक पटेल चौक पर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते क्षेत्र में यातायात प्रभावित हो गया और पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा।
पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार समाज के प्रमुख लोगों से चर्चा कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से समाज के प्रतिनिधियों के एक समूह को चर्चा के लिए कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया है।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी थी, जबकि पटेल चौक पर प्रदर्शन और चक्का जाम की स्थिति बनी हुई थी।
समाज के लोगों में पूर्व अध्यक्ष एम.डी. ठाकुर के प्रति नाराजगी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समाज की आस्था से जुड़े इस केंद्र को विवाद और तालेबंदी से मुक्त कर नए निर्वाचित नेतृत्व को सौंपा जाना चाहिए, ताकि समाज की गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो सकें।
फिलहाल पूरे मामले पर जिला प्रशासन की नजर बनी हुई है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वार्ता के बाद समाधान किस दिशा में आगे बढ़ता है।
दुर्ग |
दुर्ग शहर के विभिन्न वार्डों में गहराते जल संकट और बदहाल जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर आज जन-प्रतिनिधियों और नागरिक समाज के सदस्यों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की। शहर के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से पानी की बूंद-बूंद के लिए मची हाहाकार और स्थानीय तालाबों के सूखने/खाली किए जाने के विरोध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
प्रमुख समस्याएँ: क्यों प्यासा है दुर्ग?
ज्ञापन में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की खामियों को उजागर करते हुए प्रमुख रूप से तीन बिंदुओं पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया:
तालाबों का अस्तित्व खतरे में: शहर के पारंपरिक जल स्रोतों (तालाबों) को खाली किया जा रहा है, जिससे न केवल भूजल स्तर गिर रहा है बल्कि पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
अनियमित जलापूर्ति: कई मोहल्लों में नल कनेक्शन होने के बावजूद पानी का दबाव (Pressure) बहुत कम है, और कुछ क्षेत्रों में तो घंटों तक पानी की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
भीषण गर्मी में आम नागरिक बेहाल: पारा बढ़ने के साथ ही पानी की खपत बढ़ी है, लेकिन नगर निगम और संबंधित विभाग सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल साबित हो रहे हैं।
ज्ञापन की मुख्य मांगें
कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो नागरिक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
जलापूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग: उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहाँ पानी नहीं पहुँच रहा है और वहां टैंकरों के बजाय पाइपलाइन व्यवस्था को सुधारा जाए।
तालाबों का संरक्षण: तालाबों को खाली करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए जल संचय की योजना बनाई जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: जलापूर्ति बाधित होने के पीछे यदि कोई तकनीकी लापरवाही या प्रशासनिक ढिलाई है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
प्रशासनिक आश्वासन
कलेक्टर महोदय ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को वस्तुस्थिति की जांच करने और जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि "हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
"पानी का अधिकार, बुनियादी अधिकार है। दुर्ग की जनता को प्यासा रखकर विकास की बातें बेमानी हैं। हमें उम्मीद है कि प्रशासन इस पर त्वरित एक्शन लेगा।"
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
