राजनांदगांव/ शौर्यपथ / स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनांदगांव जिले को विभाजन कर मोहला मानुपर नए जिले की सौगात क्षेत्र वासियों को दिया। जिसके कारण कहीं खुशी तो कहीं गम देखने को मिल रहा है। जब से नवगठित जिले की घोषणा हुई है, तब से कहीं न कहीं विवादों में रहा है। नए जिले के गठन के बाद मोहला-चौकी और मानपुर को शामिल किया गया है और छुरिया विकासखंड को न शामिल किया जाये, इसके लिए जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष नवाज खान के नेतृत्व में जिला महामंत्री चुम्मन साहू, छुरिया नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमारी सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य प्रभा साहू, मनोज सिन्हा, किशन वैष्णव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छुरिया विकासखंड को राजनांदगांव जिले में यथावत रखने हेतु निवेदन प्रस्तुत किया है।
छुरिया ब्लॉक के सभी ग्राम राजनांदगांव जिले के समीप है, जिससे ग्रामवासियों जिले में किसी भी कार्य हेतु आने-जाने सुविधा होती है एवं बस सुविधा के साथ मार्ग सुगम भी है। मोहला-मानपुर-चौकी नवगठित जिला घोषित होने के उपरांत अगर छुरिया ब्लॉक नये जिले में सम्मिलित होता है तो ब्लॉक के लोगों को 100 से 150 किण्मीण् का सफर तय कर करना पड़ेगा। ब्लॉक के लोग राजनांदगांव जिला में ही रहना चाहते हैं।
भौगोलिक दृष्टिकोण को देखते हुये नवीन जिला मोहला-मापनुर-चौकी में छुरिया विकासखंड को जोड़ना अनुचित होगा। छुरिया विकासखंड के जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं ग्रामवासियों द्वारा छुरिया विकास खण्ड को राजनांदगांव जिले में यथावत रखे जाने की मांग की जा रही है। अतः नवगठित जिला मोहला-मानपुर-चौकी में छुरिया विकासखंड को सम्मिलित नहीं किये जाने एवं राजनांदगांव जिले में छुरिया विकास खण्ड को यथावत रखे जाने हेतु निवेदन पत्र सौंपा।