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रायपुर।
छत्तीसगढ़ में अंत्योदय की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाने वाला है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बलौदाबाजार से प्रदेश के करीब 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित करेंगे।
इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी आजीविका को स्थिरता देना है। राज्य सरकार ने संकल्प बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।
रायपुर जिला सबसे आगे
योजना के तहत सर्वाधिक लाभ रायपुर जिले को मिलने जा रहा है, जहां 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे। इसके अलावा बिलासपुर जिले के 39 हजार 401 और महासमुंद जिले के 37 हजार 11 हितग्राहियों को भी योजना का लाभ मिलेगा। सभी लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है।
पारंपरिक श्रमिक वर्ग भी शामिल
इस योजना का दायरा केवल कृषि मजदूरों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के पारंपरिक श्रमिक वर्गों को भी इसमें शामिल किया गया है। वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवारों के साथ-साथ अनुसूचित क्षेत्रों में बैगा, गुनिया, माँझी और देवस्थलों में पूजा करने वाले पुजारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। योजना में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार शामिल हैं।
बढ़ी हुई सहायता राशि
सरकार द्वारा पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की वार्षिक सहायता को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये कर दिया गया है, जो सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
अंतिम पंक्ति तक पहुंचने का प्रयास
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी बुनियादी जरूरतों—शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन—को पूरा कर सकें।
निष्कर्षतः, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका सीधा लाभ लाखों जरूरतमंद परिवारों को मिलने जा रहा है।
*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 गेम-चेंजर, खेलों में करियर बनाने का बड़ा मंच ओलंपियन*
*करीब 3,800 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा; छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों के 100 से अधिक खिलाड़ी*
*प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित होंगी*
*कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर*
रायपुर, /बुधवार 25 मार्च से शुरू हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह तैयार है और राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का मानना है कि यह “राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बढ़ावा देगा।” खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री साव ने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स भारतीय खेल इतिहास में एक “मील का पत्थर” साबित होगा।
श्री साव ने बताया कि, “हमने पहले सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर किए हैं। अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर हम एक बड़े मंच पर कदम रख रहे हैं, जो हमारी क्षमताओं की परीक्षा भी लेगा और उन्हें नई ऊंचाई देगा।”उन्होंने कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए निस्संदेह एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन है। यह हमारे खेल प्रतिभा और बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती देगा। साथ ही, यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान करेगा।”
श्री साव ने बताया कि, “राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के साथ खेलने और उन्हें देखने का अनुभव छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए बेहद समृद्ध करने वाला होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह आयोजन राज्य के खेल तंत्र और खिलाड़ियों दोनों के लिए बड़ी ताकत साबित होगा।”
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे और कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे।
करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी।
भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।”
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।”
मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है।
दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।”
राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने साई मीडिया से कहा, “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।”
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई) द्वारा नियुक्त कोच नजर रखेंगे। श्री तिर्की ने कहा, “हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।”
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालु के परिजन को 5 लाख रुपए एवं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
*नेशनल ट्राइबल गेम्स से अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी को मिलेगा बल : उप मुख्यमंत्री अरुण साव*
बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज राजा रघुराज सिंह स्टेडियम, बिलासपुर में स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय रात्रिकालीन ड्यूस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता में शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल जी का जीवन अनुशासन और समाजसेवा का प्रेरक उदाहरण है। उनका कार्य के प्रति समर्पण और संगठन क्षमता सभी के लिए सीखने योग्य है। उन्होंने बताया कि पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक श्री अमर अग्रवाल के प्रयासों से यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है, जिसमें 8 टीमों ने भाग लिया है। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है और बिलासपुर की पहचान भी बढ़ रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों का माहौल तेजी से विकसित हो रहा है। राज्य में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह आयोजन भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और खेल मैदानों की कमी नहीं है, और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ खेलों का बड़ा केंद्र बनेगा।
श्री साव ने बताया कि बिलासपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शहर में खेल सुविधाओं के विकास के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) से चर्चा हुई है। इससे खेल अधोसंरचना मजबूत होगी और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
श्री साव ने यह भी कहा कि हाल ही में आयोजित युवा महोत्सव जैसे कार्यक्रमों से शहर में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। भविष्य में इससे भी बड़े आयोजन किए जाएंगे।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष (शहर) श्री दीपक सिंह, जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) श्री मोहित जायसवाल जी, श्री आदित्य अग्रवाल जी, श्री प्रकाश यादव जी, श्री राजेश सिंह जी, श्री प्रकाश सर्वे जी, श्री प्रवीण दुबे जी , आयोजन समिति के साथी गण एवं खेल प्रेमी साथी उपस्थित रहे।
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रायपुर /
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।
खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।
यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।
छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में मेगा तकनीकी महोत्सव ‘अनंत्य 2026’ का भव्य शुभारंभ रविवार को रायपुर के कलेक्टर एवं आईएएस अधिकारी गौरव कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उद्घाटन समारोह में संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की इनोवेशन काउंसिल की संकाय प्रभारी एवं समन्वयक डॉ. रम्या सेल्वराज के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने ‘अनंत्य 2026’ को एक राष्ट्रीय मंच बताते हुए कहा कि यह देशभर के NIT, IIT और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्यार्थियों को नवाचार और सहयोग के लिए एक साथ लाता है। उन्होंने इसे केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि तकनीकी और उद्यमिता क्लबों के समन्वित संगम के रूप में परिभाषित किया, जो मानव कल्पना की असीम संभावनाओं को अभिव्यक्ति देता है।
संस्थान के कुलसचिव डॉ. एन.डी. लोंढे ने कहा कि ‘अनंत्य’ पहली बार सभी प्रमुख छात्र क्लबों के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है, जिससे यह मध्य भारत के सबसे बड़े तकनीकी आयोजनों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों के विचारों को उद्योगोन्मुख समाधानों में बदलना और उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
प्रोफेसर डॉ. श्रीश वर्मा ने आयोजन टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच छात्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और उन्हें अपने विचारों को सार्थक परिणामों में बदलने का अवसर देते हैं। वहीं करियर डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख डॉ. समीर बाजपेई ने इसे टीम वर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए ‘अनंत्य’ को संस्थान का पहला मेगा टेक फेस्ट और असीम अवसरों का उत्सव बताया।
मुख्य अतिथि गौरव कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए चुनौतियों को स्वीकार करने और संघर्ष को सफलता का अभिन्न हिस्सा मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने ‘अनंत्य’ के अर्थ को “असीम संभावनाओं” से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को धैर्य, दृढ़ता और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों की ओर निरंतर बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन उद्यमिता प्रकोष्ठ के संकाय प्रभारी डॉ. आर.एन. पटेल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके साथ ही ‘अनंत्य 2026’ का औपचारिक शुभारंभ हो गया।
पहले दिन तकनीक और नवाचार का उत्साह
महोत्सव के प्रथम दिवस पर परिसर में ‘विज्ञान’ प्रदर्शनी, स्टार्टअप एक्सपो, एयरो शोकेस, रोबोथॉन, बिज़ रेस्क्यू, बी-मॉडल और स्ट्रैटेजिका जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में ‘रोबो क्विज़’ और ‘रोबोवार’ आकर्षण का केंद्र रहे, जबकि ‘एआई शील्ड चैलेंज’ और ‘कॉसमोएक्स’ जैसे आयोजनों ने प्रतिभागियों को तकनीकी समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
इसके अलावा प्रेरक वक्ता सत्र, ‘उत्कृष्ट’, ‘वाइब कोडिंग’ और ‘डेव क्लैश’ जैसी गतिविधियों ने पूरे परिसर में नवाचार और अनुभवात्मक शिक्षण का जीवंत वातावरण तैयार किया।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और मानव जीवन की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा और संशोधित जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
मृतकों की पहचान, एक की हालत नाजुक
मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे और अनमोल मांझी के रूप में हुई है। वहीं सत्यम कुमार की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है। घटना में घायल एक अन्य युवक प्रशांत कुमार भी उपचाराधीन बताया जा रहा है। सभी मजदूर सिमरन सिटी क्षेत्र के निवासी हैं।
कैसे हुआ हादसा
मंगलवार को मजदूरों को अस्पताल के लगभग 50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतारा गया था। बताया जा रहा है कि टैंक में उतरते ही एक मजदूर जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य मजदूर भी एक-एक कर नीचे उतरे, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य की हालत गंभीर हो गई।
सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़
घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
सुरक्षा के नाम पर केवल साधारण मास्क दिए गए, जबकि इतने खतरनाक कार्य के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस डिटेक्टर और अन्य जरूरी उपकरण अनिवार्य होते हैं। मजदूरों को यह भरोसा भी दिलाया गया था कि टैंक में उतरने पर कोई खतरा नहीं है।
अस्पताल के बाहर हंगामा, मुआवजे की मांग
हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है, जिस पर बातचीत जारी है।
बड़ा सवाल
यह हादसा सीधे तौर पर यह सवाल उठाता है कि जब सेप्टिक टैंक की सफाई जैसे खतरनाक कार्य के लिए सख्त नियम और कानून बने हैं, तो फिर बिना पर्याप्त सुरक्षा के मजदूरों को मौत के मुंह में क्यों उतारा गया?
फिलहाल, एक मजदूर जिंदगी के लिए जूझ रहा है, जबकि दो परिवार अपनों को खोने के गम में डूबे हैं — और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार जारी है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में होली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह पर्व आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें इस अवसर पर अपने भीतर की नकारात्मकताओं को त्यागकर सकारात्मकता को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि होली का त्योहार परिवार और समाज के साथ मिलकर आनंद और अपनत्व के साथ मनाने की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री किरण देव, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा दिनांक 14 मार्च 2026 को कक्षा 12 वीं की हिन्दी विषय की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस संबंध में मण्डल को दिनांक 15 मार्च 2026 को सायं 05 बजे सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) तथा दिनांक 16 मार्च 2026 को मीडिया के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि छात्र संगठन द्वारा यह दावा किया गया है कि उक्त परीक्षा के एक दिन पूर्व दिनांक 13 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर हिन्दी विषय से संबंधित प्रश्नों का एक हस्तलिखित पर्चा वायरल हुआ था।
समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वायरल पर्चे में अंकित प्रश्नों तथा परीक्षा में पूछे गए हिन्दी विषय के बी-सेट प्रश्नपत्र के प्रश्नों में समानता होने का दावा किया जा रहा है। तथापि, सोशल मीडिया में वायरल तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त पर्चा स्पष्ट एवं पठनीय नहीं है, जिससे उसकी सत्यता का प्रत्यक्ष परीक्षण संभव नहीं हो पा रहा है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल यह भी स्पष्ट करता है कि संबंधित वीडियो/सामग्री परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सामने आई है, अतः प्रथम दृष्टया इसे प्रश्नपत्र लीक की घटना के रूप में नहीं माना जा सकता। फिर भी परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य को दृष्टिगत रखते हुए मण्डल द्वारा इस मामले को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लिया गया है और एहतियात के तौर पर संबंधित प्रकरण में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराते हुए पुलिस एवं साइबर सेल से विस्तृत जांच कराने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने कहा है कि परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में अनियमितता पाए जाने पर जांजगीर-चांपा जिले के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जांजगीर-चांपा द्वारा 2 मार्च 2026 को कलेक्टर को इस मामले में शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
निलंबन अवधि के दौरान मरकाम का मुख्यालय सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह आदेश अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा श्रमायुक्त के अनुमोदन से सोमवार को जारी किया गया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
