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सघन कोरोना सर्वे के लिये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे रहे घर-घर दस्तक प्रथम और तृतीय मंगलवार को हो रहा है रेडी टू ईट फूड का वितरण आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का वजन लिया जा रहा वजन

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राजशेखर नायर

2 अक्टूबर से शुरू हुआसघन कोरोना सर्वे अभियान के अंतर्गत रायपुर शहरी-2 परियोजना के गुढ़ियारी सेक्टर 28 केन्द्रोआंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओंऔर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर- घर जाकर कोविड-19 से सम्बंधित लक्षण वालेमरीजों की पहचान कर रही है। ज़िले में इस अभियान के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के फील्ड स्टॉफ की ड्यूटी लगाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सर्वे दलों को अभियान के दौरान कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपायों और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश भर में यह सघन अभियान 12 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा।
गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका प्रातः घर-घर जाकर कर रेडी टू ईट फूड वितरण कर रही है । साथ ही सघन कोरोनासर्वे का कार्य भी आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ता और सहायिका के द्वारा किया जा रहा है । साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन भी लिया जा रहा है।
उन्होने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एएनएम के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण का कार्य भी किया जा रहा है । गुढ़ियारी सेक्टर के 28 आंगनबाड़ी केंद्र हैं यहाँ पर तैनात सभी कार्यकर्ताओ द्वारा अपने पूर्ण दायित्व के साथ कार्य किया जा रहा है ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डिजिटल वीडियो के माध्यम से हितग्राहियों तक समस्त योजनाओं को भी समझा रही हैं ।साथ ही इसके माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नोनी सुरक्षा योजना के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया जा रहा है । कुपोषण को दूर करने के लिए लक्षित बच्चों को भी दूध बिस्किट केला प्रातःकाल में नाश्ता दिया जा रहा है । दोपहर में दाल चावल सब्जी अंडा दिया जाता है । उसके बाद शाम में रेडी टो ईट फूड से बने लड्डू भी बच्चों को दिये जा रहे हैं ।
2 अक्टूबर 2019 को शुरु हुई लक्ष्य सुपोषण योजना के तहत गुढ़ियारी सेक्टर के अंतर्गत 12 बच्चे थे । जो कि गंभीर कुपोषित थे । 6 अक्टूबर 2020 की स्थिति में गंभीर कुपोषित केवल 2 बच्चे ही शेष हैं इसमें से 8 बच्चे मध्यम श्रेणी में आ चुके हैं और दो बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं । इस प्रकार देखा जाये तो छत्तीसगढ़ शासन की लक्ष्य सुपोषण योजना काफी कारगर साबित हो रही है ।सेक्टर में प्रथम मंगलवार को रेडी टू ईट फूड घर-घर जाकर कार्यकर्ता के द्वारा दिया जा रहा है एवं तीसरी मंगलवार को भी रेडी टू ईट फूड का वितरण किया जा रहा है ।
अभियान के दौरान घर-घर जाकर सघन सामुदायिक सर्वे कर कोविड-19 के सभी मरीजों की जल्द से जल्द पहचान कर त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही आइसोलेशन के जरिए संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने का भी प्रयास किया जायेगा । अभियान के लिए गठित टीम क्षेत्रवार घरों में भ्रमण कर कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले लोगों की जानकारी जुटाएगी। जानकारी के आधार पर खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा इनकी जांच की व्यवस्था की जाएगी। बुखार, सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बदन दर्द, दस्त तथा उल्टी, सूंघने या स्वाद की क्षमता घटने जैसे लक्षणों वाले व्यक्तियों को संभावित मरीजों की श्रेणी में रखा जाएगा।

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राज शेखर नायर

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