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समायोजन के बाद भी जनपद प्राथमिक शाला और पूर्व माध्यमिक शाला भर्रापारा अपने पुराने नाम से ही जाना जाएगा

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  गौरेला पेंड्रा मरवाही/शौर्यपथ / जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद प्राथमिक शाला भर्रापारा पेण्ड्रा ब्रिटिश काल से संचालित एक ऐतिहासिक विद्यालय है। इसी परिसर में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भी संचालित है। राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के तहत इन दोनो विद्यालयों का एकीकरण किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इनके ऐतिहासिक स्थिति को बनाए रखने के निर्देशों का यथावत पालन करते हुए और इस स्कूल से जुड़ी सामान्यजन की आस्था को बरकरार रखा गया है। दोनों शालाओं के समायोजन के पश्चात यह शाला अपने पुरातन नाम से ही जाना जाएगा।
       गौरतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने की पहल के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के नहीं रहे।

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शौर्यपथ

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