रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को राज्य के कथित शराब घोटाले से जुड़े मामलों में 2 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है।
इस घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य जानकारियां निम्नलिखित हैं:
जमानत और रिहाई का विवरण
न्यायालय का आदेश: बिलासपुर उच्च न्यायालय के जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने चैतन्य बघेल को जमानत प्रदान की।
किन मामलों में मिली राहत: उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले और राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध शाखा (ACB/EOW) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले, दोनों में जमानत दी गई है।
जेल से रिहाई: लगभग 170 दिनों (6 महीने) तक रायपुर सेंट्रल जेल में रहने के बाद, चैतन्य बघेल 3 जनवरी 2026 को जेल से बाहर आए।
संयोग: दिलचस्प बात यह है कि चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को उनके स्वयं के जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था, और उनकी रिहाई उनके बेटे के जन्मदिन के अवसर पर हुई है।
भाजपा (BJP) की प्रतिक्रिया
भाजपा ने इस जमानत को लेकर स्पष्ट किया है कि यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया है और दोषमुक्ति नहीं है:
सच्चिदानंद उपासने (भाजपा प्रवक्ता): उन्होंने कहा कि "जमानत का मतलब यह नहीं है कि वह निर्दोष हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच जारी रहेगी और मामला अदालत में चलता रहेगा।
भाजपा का रुख: पार्टी का मानना है कि शराब घोटाले में उनकी संलिप्तता के साक्ष्य हैं और कानून अपना काम कर रहा है। जमानत महज एक कानूनी राहत है, कोई क्लीन चिट नहीं।
भूपेश बघेल और कांग्रेस का पक्ष
भूपेश बघेल ने इसे "सत्य की जीत" बताया और आरोप लगाया कि उनके परिवार को केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध के तहत परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह सरकारी षड्यंत्रों के खिलाफ एक जीत है और न्याय मिलने में देरी भले ही हुई, लेकिन अंततः न्याय मिला।