जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' में उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान, नक्सलवाद पर निर्णायक बढ़त को बताया वीर जवानों के साहस की ऐतिहासिक जीत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि दिन-रात परिवार से दूर रहकर जनता की सुरक्षा में जुटे पुलिसकर्मियों का सम्मान वास्तव में पूरे समाज के विश्वास और सुरक्षा का सम्मान है।
राजधानी रायपुर के शांतिनगर स्थित एक निजी सभागार में आयोजित 'पत्रिका जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' समारोह में मुख्यमंत्री ने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल की सेवा भावना, समर्पण और मनोबल का अभिनंदन है।
नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का श्रेय पुलिस के अदम्य साहस को
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कभी नक्सली हिंसा से प्रभावित बस्तर आज विकास, विश्वास और परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस को दिया।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष केवल सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का संकल्प था। कठिन जंगलों में जान की बाजी लगाकर लड़ने वाले जवानों ने प्रदेश को भयमुक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
घायल जवानों का हौसला बना प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नक्सल अभियान में घायल जवानों से अस्पतालों में मुलाकात के दौरान उन्होंने कभी निराशा नहीं देखी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जवानों की पहली इच्छा फिर से मोर्चे पर लौटकर मातृभूमि की सेवा करने की होती थी। उन्होंने कहा कि यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है।
ज्ञानेश्वरी यादव बनीं प्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में 199 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस बल केवल सुरक्षा का पर्याय नहीं, बल्कि खेलों में भी उत्कृष्टता का प्रतीक है। उनकी उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सकारात्मक पत्रकारिता से बढ़ता है पुलिस का मनोबल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और जनसेवा की कहानियों को समाज तक पहुंचाने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होती है।
मीडिया से समझ आती हैं जनता की अपेक्षाएं : डीजीपी
पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान द्वारा पुलिसकर्मियों का सम्मान किया जाना सराहनीय पहल है। मीडिया समाज और पुलिस के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है, जिसके माध्यम से जनआकांक्षाओं को समझने और पुलिस व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी बनाने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता का सबसे बड़ा सुख उन परिवारों को मिला है, जिनके बेटे-बेटियां और परिजन वर्षों तक बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा करते रहे।
पुलिसिंग के उत्कृष्ट कार्यों का हुआ सम्मान
'जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' के तहत सामुदायिक पुलिसिंग, पुलिस नवाचार, संवाद से समाधान, महिला सुरक्षा, पिंक पेट्रोल, वूमेन हेल्पलाइन, साइबर अपराध नियंत्रण, सोशल मीडिया जनजागरूकता, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-मालखाना प्रबंधन, अनुसंधान एवं अन्वेषण सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार आर. कृष्णा दास, रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं उनके परिवार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।