Print this page

“मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और दृढ़ सुरक्षा नीति से खत्म हुआ नक्सलवाद”

  • doing of business

एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का बड़ा बयान—छत्तीसगढ़ अतीत के अंधकार से निकलकर विकास के नए युग की ओर अग्रसर

रायपुर / शौर्यपथ / अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अतीत के अंधकार से निकलकर समृद्धि, विकास और प्रगति के नए युग की ओर बढ़ रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी क्षण है। आज विद्यार्थियों को डिग्री मिल रही है, लेकिन कल उन्हें इससे भी बड़ी जिम्मेदारी—भारत की जनता के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन की जिम्मेदारी—सौंपी जाएगी। समारोह में कुल 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें 376 महिलाएं और 313 पुरुष शामिल हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

“जिन इलाकों की पहचान हिंसा से थी, अब वहां विकास की चर्चा”

उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2012 में स्थापना के बाद एम्स रायपुर ने मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कम समय में यह छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र बनकर उभरा है और ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, कमजोर आवागमन और वामपंथी उग्रवाद ने लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में विकास की राह रोकी। भय और हिंसा के कारण सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार प्रभावित हुआ। आज परिस्थितियां बदल रही हैं। जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा के लिए जाना जाता था, वे अब सड़क, स्कूल, अस्पताल, कनेक्टिविटी, निवेश और अवसरों के लिए पहचाने जा रहे हैं।

उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व को दिया।

एम्स रायपुर में तेजी से सुलभ हो रही उन्नत चिकित्सा

उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर को नए छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रतीक बताते हुए संस्थान की चिकित्सा उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हुए पहले किडनी प्रत्यारोपण, किडनी ट्रांसप्लांट में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल एवं कान प्रत्यारोपण जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर का विकास यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ किस तरह स्वास्थ्य, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

उपराष्ट्रपति ने विकसित भारत के लक्ष्य के लिए संतुलित विकास को आवश्यक बताते हुए कहा कि प्रत्येक राज्य, जिला और गांव का विकास जरूरी है। उन्होंने उच्च शिक्षा को विकसित भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन 1.57 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया। यह 42.2 प्रतिशत वृद्धि है।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से नशे को दृढ़ता से ना कहने और ऐसा भारत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया, जहां तकनीक प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और हर युवा बेहतर भविष्य का सपना देख सके। उन्होंने कहा—“आपका ज्ञान स्वास्थ्य प्रदान करे, आपका शोध नवाचार लाए और आपकी सेवा प्रेरणा बने।”

राज्यपाल ने कहा—चिकित्सक के लिए करुणा और नैतिकता भी जरूरी

राज्यपाल रमेन डेका ने नव-स्नातक चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल तक सीमित नहीं है। इसमें धैर्य, करुणा और जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है। चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और चिकित्सक की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीज के साथ उसके व्यवहार, विश्वास और सम्मान से भी निर्धारित होती है।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर की बढ़ती प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने सेवा और नैतिकता को दी प्राथमिकता

केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आयुष्मान भारत, PM-JAY, ABHA और e-Sanjeevani जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने युवा डॉक्टरों से चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ करुणा, नैतिकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

689 डिग्रियां, 16 मेधावियों को पुरस्कार

दीक्षांत समारोह में विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के सफल विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। समारोह में विद्यार्थियों को “नशे को ना कहें” की शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा, कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल सहित एम्स के चिकित्सक, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ