नगरी। ग्राम पंचायत सिहावा में बने पर्यटक भवन ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा 10 वर्ष पूर्व निर्माण किया गया था। जिसकी लागत 30 लाख रूपये में तैयार हुआ था। किसी भी शासकीय भवन को तोड़ने हेतु विधिवत् संबंधित विभाग से अनुमति लेने के पश्चात् तोड़ा जाता है। उक्त भवन को तोड़ने के लिए किसने आदेश दिया, यह स्पष्ट है। शासकीय सम्पति भवन टुटने के पूर्व किसके प्रभार में भवन की देखरेख हो रहा था। उनके द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई। क्षेत्र के विधायक होने के नाते इस प्रकार के अवैध ढंग से की गई तोड़-फोड़ की घोर निंदा करती हुँ। संबंधित विभाग को निर्देशित करती हुँ कि, शासकीय सम्पति को नुकसान पहुचाने के कृत्य में शामिल व्यक्तियों के विरूद्व कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें।
सिहावा एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं संस्कृति से जुड़ा हुआ स्थल है। यहां से महानदी का उद्गम स्थल होने, सिहावा पहाड़ श्रृंगि ऋषि मुनि के तपोभूमि/दर्शनीय स्थल होने, तथा मृत्यु पश्चात् अस्थि विसर्जन का कार्य करने हेतु लोग पुरे सिहावा विधानसभा क्षेत्र एवं बस्तर,कांकेर,गरियाबंद जिला सहित प्रदेश के अन्य जिले व उड़ीसा प्रान्त के लोग आते है। जो यहां रात्रि विश्राम करते रहे है। अब सिहावा में इस प्रकार के धार्मिक कार्यो में आने वाले लोगों के लिए रूकने का कोई व्यवस्था नही है। जिससे लोगो में जन आक्रोश व्याप्त है।