Print this page

निगम की कार्यप्रणाली नहीं आम जनता की गलती से हुआ दुर्ग निगम फेल Featured

  • rounak group

शौर्यपथ खास खबर
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में अधिकारियों की लापरवाही के कई किस्से दुर्ग की आम जनता कई सालो से सुनती और देखती आ रही है किन्तु वर्तमान में एक ऐसा वाक्य हुआ जिसके कारण दुर्ग की जनता को शर्मसार होना पडा और इसका कारण निगम के अधिकारी कर्मचारी नहीं स्वयं दुर्ग की जनता ही है .
शासन द्वारा कुछ समय पहले कचरा मुक्त शहर के लिए सर्वे हुआ था जिसमे दुर्ग निगम को कोई भी स्टार नहीं मिला और इसका कारण मात्र दो नाली में पडा हुआ कचरा था . जी हाँ बात में यकीन नहीं होगा किन्तु यही सत्य है . सर्वे की तैयारी के लिए दुर्ग निगम के आयुक्त एवं नवनियुक्त महापौर के निर्देश पर महीनो से शहर को कचरा मुक्त रखने अभियान चलाया जा रहा था इसके लिए बाकायदा निगम के कर्मचारियों की 40 लोगो की टीम लगातार शहर की नालियों से कचरा साफ करने , नालियों में जमे मिटटी को निकालने का कार्य कर रही थी जिसका साक्षात् गवाह शहर की आम जनता ही है .
दुर्ग निगम के इन प्रयासों को सफलता भी मिल जाती क्योकि कचरा मुक्त निगम क्षेत्र के लिए लगभग 25 लेवल में हर लेवल को दुर्ग निगम ने अच्छे नम्बरों से पास किया और 3 स्टार से 5 स्टार के बीच रैंकिंग मिलने की आशा थी किन्तु इन 25 लेवल के इम्तिहान में एक लेवल में दुर्ग निगम फेल हो गयी . कारण है दुर्ग निगम क्षेत्र की ऐसी दो नालिय जो सर्वे रिपोर्ट में कचरा युक्त पाई गयी .
बता दे कि दुर्ग शहर में सर्वे टीम कब आयी किसी को पता नहीं था जब रिपोर्ट में दो फोटो ऐसे आये जिसमे कचरा मिला जिसके कारण निगम दुर्ग फेल हो गया और इसी के साथ दुर्ग निगम के आयुक्त बर्मन और उनकी टीम जो महीनो से मेहनत कर रही थी असफल हो गयी वही असफल हो गए दुर्ग के महापौर और उनकी कचरा मुक्त करने की अपील . वैसे देखा जाए तो ये निगम की नहीं शहर के जनता की हार है क्योकि कचरा उठाने का और नित्य सफाई करने का कार्य निगम के सफाई मित्र करते है और कचरा फैलाने का कार्य शहर की नासमझ जनता जो कचरा सही जगह नहीं फेक सकते और वो जनता जो नाले व नालियों में कचरा फेकने वालो पर जुर्माना लगाने पर निगम प्रशासन को तानाशाह घोषित करती रही .
आज उसी का परिणाम निकला की एक सार्थक कार्य में निगम नहीं शहर की वो जनता दोषी है जो कचरा नालो में नालियों में फेक कर अपने आप को सभी नागरिक होने का दावा करती रहती है आज ऐसे ही सभी लोगो के कारनामो से दुर्ग निगम स्टार रेंकिंग से चुक गयी . निगम के आयुक्त तो आज नहीं तो कल स्थानांतरित हो जायेंगे , सत्ता भी आज है तो कल नहीं रहेगी इन जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक मुखिया की कोशिश शहर की जनता और शहर को साफ रखने की थी जो असफल हो गयी .
खैर रैंकिंग मिलने या ना मिलने से शहर की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ेगा और अधिकारियों द्वारा एक बार फिर शहर को निगम क्षेत्र को स्वक्ष , स्वस्थ , सुंदर रखने की तैयारी शुरू हो जायेगी एक बार फिर नए इम्तिहान के लिए तैयार हो जायेंगे किन्तु इस इम्तिहान में सफलता तब तक नहीं मिलेगी जब तक शहर की जनता का साथ नहीं होगा ..

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ