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राहुल यादव का शुरुआती गोल बना जीत की वजह, बारिश और जलभराव के बीच बुल्स ने 1-0 से जीता मुकाबला
रायपुर । छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में बारिश से प्रभावित मुकाबले में बैलाडिला बुल्स ने राजधानी रॉयल्स को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत से बुल्स की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार हैं, जबकि लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के चलते राजधानी रॉयल्स का सफर समाप्त हो गया।
करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुए मुकाबले में बुल्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। सर्कल में मिले मौके का फायदा उठाते हुए राहुल यादव ने जोरदार शॉट लगाकर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद दोनों टीमों ने गोल के लिए कई प्रयास किए, लेकिन 60 मिनट के खेल में यही एकमात्र गोल साबित हुआ।
बारिश और जलभराव ने बढ़ाई चुनौती
गीले मैदान और सर्कल में भरे पानी के कारण खिलाड़ियों को गेंद पर नियंत्रण रखने और सटीक पास देने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बुल्स के गोपाल पैकरा ने दूसरा गोल करने का प्रयास किया, लेकिन अंपायर ने उसे अमान्य करार दिया। जसकरण को मिले पेनल्टी कॉर्नर के अवसर भी गोल में तब्दील नहीं हो सके।
तीसरे और चौथे क्वार्टर में भी बारिश के कारण खेल प्रभावित रहा। राजधानी रॉयल्स की टीम न तो बराबरी का गोल कर सकी और न ही पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठा पाई। आखिरकार बुल्स ने 1-0 की बढ़त के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हिमांशु को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और राहुल यादव को ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ चुना गया। पहली जीत के साथ बैलाडिला बुल्स ने सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी उम्मीदें कायम रखी हैं।
एकल ग्राम एवं समूह जलप्रदाय योजनाओं सहित विभिन्न मदों में किया गया भुगतान
चालू वित्तीय वर्ष में एकल ग्राम योजनाओं के लिए 612 करोड़ रुपये का आबंटन प्राप्त, भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी
रायपुर / छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों के लिए विगत तीन वर्षों में कुल 6,836.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम एवं समूह जलप्रदाय योजनाओं सहित अन्य मदों में नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
जल जीवन मिशन के राज्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत तीन वर्षों में एकल ग्राम योजनाओं के अंतर्गत 4,985.35 करोड़ रुपये तथा समूह जलप्रदाय योजनाओं के अंतर्गत 1,690.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी प्रकार सपोर्ट मद में 136.18 करोड़ रुपये तथा जल गुणवत्ता जांच संबंधी कार्यों के लिए 24.04 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में एकल ग्राम योजनाओं के भुगतान के लिए 612 करोड़ रुपये का आबंटन प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 162.46 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया जा चुका है। शेष राशि के संबंध में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान की कार्यवाही जारी है।
जल जीवन मिशन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के भुगतान की प्रक्रिया सतत रूप से संचालित है। विभाग द्वारा उपलब्ध वित्तीय आबंटन के अनुरूप भुगतान संबंधी कार्यवाही की जा रही है।
केतन ने नाइट्स को दिलाई बढ़त, चौथे क्वार्टर में मोहित नायक ने टाइटन्स की कराई वापसी; सेमीफाइनल के लिए मैनपाट को करना होगा इंतजार
रायपुर । छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में बुधवार को अंक तालिका की शीर्ष टीमों न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स के बीच रोमांचक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों के मजबूत रक्षात्मक खेल के कारण मैच में गोल के ज्यादा मौके नहीं बने। नाइट्स के केतन ने दूसरे क्वार्टर में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि चौथे क्वार्टर में मोहित नायक ने शानदार गोल कर मैनपाट को बराबरी पर ला दिया। इस ड्रॉ के बाद मैनपाट टाइटन्स को सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के लिए अगले मुकाबले का इंतजार करना होगा, जबकि न्यायधानी नाइट्स पहले ही अंतिम चार में पहुंच चुकी है।
डिफेंस का दबदबा, बारिश भी नहीं रोक सकी मुकाबला
लीग में अब तक आक्रमण के दम पर सुर्खियां बटोरने वाली टीमों के बीच इस मुकाबले में डिफेंडर्स का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में 10 से कम गोल खाए हैं, जो उनकी रक्षात्मक मजबूती को दर्शाता है। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से हो रही भारी बारिश ने मैदान पर खिलाड़ियों की चुनौती बढ़ाई, लेकिन दोनों टीमों ने पूरे मुकाबले में संघर्ष जारी रखा। पहले क्वार्टर में कई हमले हुए, मगर कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं रही।
दूसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में केतन ने रिबाउंड पर गेंद को गोलकीपर के पार पहुंचाकर न्यायधानी नाइट्स को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह टूर्नामेंट में उनका छठा गोल रहा। हाफ टाइम तक नाइट्स ने अपनी बढ़त कायम रखी।
चौथे क्वार्टर में मोहित का निर्णायक प्रहार
तीसरे क्वार्टर में नाइट्स के डिफेंस ने मैनपाट के हमलों को लगातार नाकाम किया और स्कोर 1-0 पर बरकरार रखा। हालांकि, अंतिम क्वार्टर में बराबरी के लिए मैनपाट ने आक्रमण तेज किया और अधिक खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया। इसका फायदा मिला और मोहित नायक ने गोल दागकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। अंतिम समय तक दोनों टीमें निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकीं।
केतन को ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’, जबकि मोहित नायक को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
29 अक्टूबर को मैनपाट के पास अगला मौका
मैनपाट टाइटन्स के पास 29 अक्टूबर को संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले में सेमीफाइनल में प्रवेश सुनिश्चित करने का अवसर होगा।
मैच देखने के लिए सांसद संतोष पाण्डेय, न्यूज़24 मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के संपादक मनोज बघेल, छत्तीसगढ़ प्रदेश कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन के सचिव प्रशांत रघुवंशी, बाल्को के असिस्टेंट मैनेजर रोहताश, बॉडी बिल्डिंग रेफरी संजय शर्मा, पर्यटन अधिकारी संतोष रैदास तथा एसबीआई के एजीएम रामदास मांझी भी स्टेडियम पहुंचे। अतिथियों ने मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए।
रायपुर/दुर्ग:
खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) ने छत्तीसगढ़ में अपना प्रचंड असर दिखाना शुरू कर दिया है। आज 29 अक्टूबर को हालांकि यह चक्रवात कमजोर होकर डिप्रेशन (कम दबाव के क्षेत्र) में बदल चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के बड़े हिस्से में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए राज्य शासन और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
बस्तर संभाग में 'रेड अलर्ट', जनजीवन अस्त-व्यस्त
मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के जिलों में सुरक्षा के लिहाज से रेड अलर्ट जारी किया है।
• अत्यधिक प्रभावित जिले: बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोंडागांव और नारायणपुर में मूसलाधार बारिश हो रही है।
• निचले इलाकों में अलर्ट: नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है।
रायपुर-दुर्ग सहित कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद
चक्रवात के प्रभाव और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग सहित प्रदेश के कई प्रभावित जिलों में 29 अक्टूबर को स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया है और अभिभावकों को बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
दिन में छाया अंधेरा, थमी रफ्तार
चक्रवात का असर बस्तर के अलावा मैदानी इलाकों में भी साफ देखा जा रहा है। दुर्ग, रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव और सरगुजा समेत लगभग 27 जिलों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं। धमतरी और दुर्ग जैसे इलाकों में तो सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण दिन में ही अंधेरा घिर आया, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई।
त्योहार पर फिरा पानी
इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर आज मनाए जा रहे करवा चौथ के त्योहार पर भी पड़ा है। लगातार हो रही तेज बारिश और आंधी के कारण बाजारों से रौनक गायब है। पूजा-सामग्री और सजने-संवरने के बाजार सूने पड़े हैं, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान की आशंका है। महिलाएं भी शाम को चांद के दीदार को लेकर असमंजस में हैं।
प्रशासन मुस्तैद, कलेक्टर्स को निर्देश
मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभी जिला कलेक्टर्स को बिजली लाइनों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कच्चे मकानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
क्या आप इस समाचार में किसी विशेष जिले के प्रशासनिक आदेश या मौसम विभाग की आगामी 48 घंटों की चेतावनी
को भी जोड़ना चाहते हैं?
मौसम की चेतावनी के मद्देनजर जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश, शासकीय-निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में रहेगा अवकाश
दुर्ग, शौर्यपथ। चक्रवाती मौसम के संभावित प्रभाव, भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दुर्ग जिले में 29 और 30 अक्टूबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग द्वारा कलेक्टर के अनुमोदन से जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में दो दिन छुट्टी रहेगी।
मौसम विभाग से प्राप्त चेतावनी में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। ऐसे में विद्यार्थियों को आवागमन के दौरान संभावित जोखिम से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
जारी आदेश में राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों का उल्लेख करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले।
रायपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों को आजीविका का साधन बनाने की पहल के तहत धमतरी जिले में महिलाओं को मत्स्य पालन से जोड़ा जा रहा है। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत सीएसआर सहयोग से 55 आजीविका डबरियों के माध्यम से महिलाओं को मछली और झींगा उत्पादन की गतिविधियों से जोड़ा गया है। इसके अलावा 90 नई आजीविका डबरियां बनाई जा रही हैं।
भूखापारा, माडमशिल्ली, बिन्द्रापाली, डबरीनाला, चनागांव और छिन्दौरी सहित जिले के विभिन्न गांवों में यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। आजीविका डबरियों में वर्षा जल का संरक्षण करने के साथ मत्स्य पालन और जरूरत के अनुसार सिंचाई में पानी का उपयोग भी किया जा सकता है।
एक डबरी में 1,600 झींगा और 320 मछली बीज
योजना के तहत प्रत्येक डबरी में 1,600 झींगा तथा 320 भारतीय प्रमुख कार्प मछलियों के बीज डाले गए हैं। आगामी छह माह में प्रति डबरी औसतन 50 हजार रुपये लाभ मिलने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक लाभ उत्पादन, जल की गुणवत्ता, देखरेख और बाजार मूल्य पर निर्भर करेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मछलियों की वृद्धि 800 ग्राम से एक किलोग्राम तक दर्ज की गई है।
महिलाओं को गांव में ही रोजगार का अवसर
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के साथ आय का अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना है। मत्स्य पालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की संभावनाएं हैं। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, उचित आहार, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच महत्वपूर्ण होगी।
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जल संसाधनों के योजनाबद्ध उपयोग से महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने तकनीकी मार्गदर्शन, नियमित निगरानी और बेहतर विपणन व्यवस्था पर जोर दिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने भी कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित ऐसी गतिविधियां ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत करने में सहायक हो सकती हैं।
19 महिला संकुल संगठन सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत, 94 सोलर सिस्टम स्थापित; 415 प्रकरण प्रक्रियाधीन
रायपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए संचालित द्वीप्ति योजना के तहत 801 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में चिन्हांकित किया गया है। अब तक 19 महिला संकुल स्तरीय संगठन सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि 94 सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं और 415 स्थापना प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित यह पहल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की महिलाओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर ऊर्जा उद्यमी बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत महिलाएं सोलर सिस्टम की स्थापना, हितग्राहियों के पंजीयन, तकनीकी सेवाओं और रखरखाव से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभा रही हैं।
महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
द्वीप्ति योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों के संकुल संगठनों को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिलाओं को सौर ऊर्जा, सब्सिडी, बिजली बिल में संभावित बचत और सोलर पैनल स्थापना की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। बिजली वितरण कंपनी, जिला प्रशासन और बिहान मिशन के सहयोग से तकनीकी क्षमता विकास तथा वित्तीय सहायता और बैंक ऋण की प्रक्रिया में भी सहयोग दिया जा रहा है।
कबीरधाम में दिखी पहल की शुरुआत
कबीरधाम जिले में कवर्धा के वंदेमातरम् महिला संकुल संगठन को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया है। ग्राम समनापुर में शुरुआती रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना भी की गई। योजना के तहत प्रत्येक स्थापना पर सोलर दीदी को 500 से 1,000 रुपये तक आय होने का अनुमान है। महिला संकुल संगठनों के लिए भी अतिरिक्त आमदनी के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित न रखकर तकनीक आधारित रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। इससे स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उम्मीद है।
28-29 अक्टूबर को कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की आशंका, किसानों को पकी धान फसल काटने और सुरक्षित भंडारण की सलाह
रायपुर । बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह जारी की है। विभाग ने धान सहित अन्य खरीफ फसलों, सब्जियों, बागवानी फसलों और पशुधन की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 29 अक्टूबर को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच भी कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
धान की पकी फसल जल्द काटें, खेतों में जल निकासी रखें
कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पक चुकी धान, मक्का और तिलहन फसलों की शीघ्र कटाई कर उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। पहले से कटी फसलों को बारिश से बचाने के लिए ढंककर रखें और खेतों में पानी जमा न होने दें। तेज हवाओं से फसलों के गिरने की आशंका को देखते हुए खेतों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
विभाग ने मौसम साफ होने तक गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की बुआई टालने तथा मौसम अनुकूल होने पर नवंबर के पहले सप्ताह से बुआई शुरू करने की सलाह दी है। बारिश के दौरान कीटनाशक और खरपतवारनाशक का छिड़काव नहीं करने को भी कहा गया है।
सब्जियों, बागवानी और पशुधन की सुरक्षा पर जोर
तेज हवाओं से नुकसान की आशंका को देखते हुए तैयार सब्जियों और बागवानी फसलों की शीघ्र तुड़ाई करने की सलाह दी गई है। लौकी, करेला जैसी बेल वाली फसलों को सहारा दें तथा केले के पौधों को बांस से सहारा देकर सुरक्षित करें। बारिश के बाद फसलों में रोगों के लक्षणों की निगरानी करें और मौसम साफ होने पर आवश्यक उपचार करें।
पशुपालकों को पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थानों पर रखने, पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचाने तथा चारा और पशु आहार सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
भंडारण में बरतें सावधानी
किसानों को अनाज को अच्छी तरह सुखाकर साफ, हवादार और सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि नमी से उपज की गुणवत्ता प्रभावित न हो। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने पर भी जोर दिया गया है।
कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों से अपील की है कि तेज बारिश, बिजली गिरने और तूफानी हवाओं के दौरान खेतों में जाने से बचें तथा मौसम की परिस्थितियों के अनुसार ही कृषि कार्य करें। समय पर सावधानी बरतने से फसलों, कृषि उपज और पशुधन को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।
रायपुर/लोरमी / लोरमी के डबरी पारा तालाब का जल्द ही जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मिशन अमृत 2.0 के तहत राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने इसके लिए ₹2 करोड़ 57 लाख 62 हजार की स्वीकृति दी है। परियोजना के तहत तालाब की सफाई, गहरीकरण, जल गुणवत्ता में सुधार, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं के विकास सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर स्वीकृत इस परियोजना का उद्देश्य तालाब परिसर को स्वच्छ, सुंदर और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। कार्यों को नौ माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद पांच वर्ष तक संचालन-संधारण भी परियोजना में शामिल है।
टहलने के लिए पाथवे, बैठने को बेंच और तीन घाट
परियोजना के अंतर्गत तालाब के किनारों पर पाथवे, नागरिकों के बैठने के लिए बेंच तथा तीन घाट बनाए जाएंगे। किनारों को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए आरसीसी रिटेनिंग वॉल का निर्माण होगा। परिसर में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी और हरियाली विकसित की जाएगी।
तालाब के पुनर्जीवन के लिए गहरीकरण, डी-सिल्टिंग, साफ-सफाई और जलकुंभी हटाने का काम भी होगा। पानी की उपलब्धता के लिए बोरवेल और पंप की व्यवस्था की जाएगी।
पानी की गुणवत्ता सुधारने लगेंगे चार फ्लोटिंग एरेटर
तालाब के पानी की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए चार फ्लोटिंग एरेटर और दूषित जल के उपचार के लिए 10 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा।
बारिश और अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए नालियां, बायो-स्वेल तथा ओवरफ्लो पाइपलाइन बनाई जाएगी। परियोजना का कुल क्षेत्रफल 7,026 वर्गमीटर है, जिसमें 4,615 वर्गमीटर जल क्षेत्र शामिल है।
गुणवत्ता के साथ समय-सीमा पर जोर
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि तालाब का जीर्णोद्धार नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि लोगों को टहलने, बैठने और बेहतर वातावरण में समय बिताने की सुविधा मिल सके।
विभागीय सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने, नियमित निगरानी रखने और सभी कार्य निर्धारित नौ माह में पूरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल शोधन और निकासी की तकनीकी गुणवत्ता के साथ निर्माण के बाद पांच वर्ष तक उचित संचालन-संधारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार पर मंथन; धार्मिक आस्था व पूजा-पद्धतियों में हस्तक्षेप नहीं होगा—शत्रुघ्न सिंह
30 अक्टूबर तक वेबसाइट और ई-मेल से आम नागरिक भी दे सकेंगे सुझाव
बिलासपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रारूप तैयार करने के लिए बिलासपुर में संभाग स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित आठ जिलों के सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव रखे।
देवकी नंदन दीक्षित सभागृह में हुई बैठक में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने संहिता के पक्ष-विपक्ष में विचार रखते हुए सामाजिक परंपराओं, व्यक्तिगत अधिकारों और कानूनी सुधारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर जोर
समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि देश में पारिवारिक मामलों से जुड़े विभिन्न कानूनों और प्रावधानों में समानता लाने तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से इस विषय पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का संबंध विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे नागरिक एवं पारिवारिक मामलों से है। इस प्रक्रिया में किसी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक आस्था और रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
सुझावों के आधार पर तैयार होगा प्रारूप
बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि विभिन्न समुदायों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और नागरिकों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की मौजूदा कानूनी व्यवस्था के साथ अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्थाओं का भी विश्लेषण कर प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट और आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएं राज्य शासन को प्रस्तुत करेगी।
बैठक में समिति के सदस्य श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती ज्योति रानी सिंह, रायपुर संभागायुक्त एवं समिति सचिव श्री श्याम धावड़े तथा बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
30 अक्टूबर तक ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित
आम नागरिक और संगठन समान नागरिक संहिता से संबंधित अपने सुझाव 30 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in पर दे सकते हैं। सुझाव ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भी भेजे जा सकते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
