नई दिल्ली । शौर्यपथ । सीएम भूपेश बघेल इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम भूपेश बघेल ने आज सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की, दोनों के बीच प्रदेश की योजनाओं सहित कई अहम मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सीएम भूपेश बघेल लखनऊ रवाना हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार सीएम भूपेश बघेल कल लखनऊ और लखीमपुर खीरी में किसान सभा को संबोधित करेंगे। वहीं, गुरुवार को उनकी अयोध्या और गोरखपुर में सभा होगी।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार शाम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के 3 साल पूरे होने के बाद बघेल और राहुल गांधी की यह पहली मुलाकात थी।
जानकारी के अनुसार लखनऊ दौरे से पहले बघेल ने वहां कांग्रेस की ओर से तैयार की गई रणनीति को लेकर राहुल गांधी से चर्चा की। भूपेश बघेल उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ पर्यवेक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को समय-समय पर पार्टी की तैयारियों से अवगत कराते रहते हैं।
खास बात यह है कि मंगलवार की इस मुलाकात में भूपेश बघेल ने प्रदेश की गोधन योजना से भी राहुल गांधी को अवगत कराया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी छत्तीसगढ़ जाकर इस योजना के बारे में समझा और उम्मीद लगाई जा रही है कि राजस्थान में भी इस योजना को जल्द लागू किया जाएगा। वहीं नीति आयोग भी छत्तीसगढ़ की गोवर्धन योजना का अध्ययन कर रहा है। छत्तीसगढ़ में इसे कांग्रेस सरकार की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ऐसे में पार्टी अन्य राज्यों में भी इसे लागू करना चाहती है।
उम्मीद लगाई जा रही है कि राहुल गांधी इस योजना के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद अन्य राज्यों के घोषणा पत्र में इसे शामिल कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश में गोधन न्याय योजना चलायी जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 20 जुलाई 2020 को ये योजना लागू की थी। मुख्यमंत्री गोधन न्याय योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा गाय पालने वाले पशुपालक किसानों से गाय का गोबर खरीदा जाता है और गोबर का उपयोग सरकार वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के लिए करती है। इस योजना के जरिये छत्तीसगढ़ सरकार गायों के लिए भी कार्य कर रही है।
ऐसे भी कयास लगाए जा रहे है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री बघेल व सांसद राहुल गांधी के बीच छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर भी एक रणनीतिक चर्चा हुई।