दुर्ग। शौर्यपथ । नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए जेएनएल अस्पताल के नवजात शिशु रोग विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज 12 मार्च को भिलाई इस्पात संयंत्र के जेएलएन अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र में नवजात शिशु रोग विभाग द्वारा नवजात शिशु पुनर्जीवन कार्यक्रम नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम का व्यवहारिक आयोजन, ईडी मेडिकल एवं हेल्थ सर्विसेस डॉ एस के इस्सर तथा सीएमओ द्वय डॉ एम रवींद्रनाथ तथा डॉ प्रमोद बिनायके और विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग डॉ संबिता पंडा के कुशल मार्गदर्शन तथा नवजात शिशु रोग इकाई के प्रभारी डॉ सुबोध साहा के कुशल नेतृत्व में किया गया।
यह कार्यक्रम जेएलएन अस्पताल में नवजात शिशु मृत्यु दर को और कम करने तथा अस्पताल प्रबंधन द्वारा किये जा रहे समग्र प्रयासों और प्रतिबद्धताओं सुदृढ़ करने का एक महती आयोजन साबित हुआ है। यह अत्यंत गौरव का विषय है कि आज बीएसपी का जेएनएल अस्पताल व अनुसंधान केन्द्र में शिशु मृत्यु दर अत्यंत कम है जो पश्चिमी दुनिया के कुछ विकसित देशों के बराबर है।
नवजात शिशु रोग इकाई के प्रभारी डॉ सुबोध साहा और टीम के सक्षम नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस टीम के डॉ संजीबनी पटेल और डॉ नूतन कुमार वर्मा और डॉ माला चौधरी महत्वपुर्ण सदस्य हैं।