Print this page

सांसद विजय बघेल को अपना जनप्रतिनिधि चुनकर क्या दुर्ग की जनता ने धोखा खाया... Featured

  • doing of business

दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है ऐसे में दुर्ग की जनता अपने जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर लगातार सवाल उठा रही हैं दुर्ग की आम जनता के साथ साथ विपक्ष भाजपा भी दुर्ग के विधायक एवम् प्रशासन पर आरोप लगाने में जुटी हुई हैं किंतु आम जनता को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या है उनके लिए जनप्रतिनिधि विधायक अरुण वोरा भी है और सांसद विजय बघेल भी है ।
वैसे देखा जाए तो दुर्ग की आम जनता ने जनप्रतिनिधि के रूप में सांसद विजय बघेल के पक्ष में विधायक वोरा से भी ज्यादा मत दिया है ऐसे में दुर्ग की जनता के लिए सांसद बघेल की जिम्मेदारी ज्यादा बनती है ।
    हालांकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है किंतु देश में भाजपा की पूर्ण बहुमत के साथ सरकार है और केंद्र सरकार में सांसद की भूमिका निभाने का सौभाग्य विजय बघेल को मिला है किंतु दुर्ग की जनता के प्यार और पक्ष में किए मतदान तब अर्थ हीन हो जाते है जब सांसद बघेल दुर्ग शहर और जनता के प्रति अपने जिम्मेदारियों से सिर्फ राजनीतिक गुटबाजी के चलते दूर हो गए है । दुर्ग में सड़क निर्माण में हो रही अनियमितता हो , निगम कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार का मामला हो , धमधा नाका ओवर ब्रिज में मौत के बाद भी संधारण कार्य में देरी का मामला हो , प्रधानमंत्री आवास योजना में देरी की मामला हो , मोर जमीन मोर मकान में लेट लतीफी हो , अमृत मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितता का मामला , शहर की आधी जनता के सुगम आवागमन के लिए रेल्वे अंडर ब्रिज के कार्यो में देरी सहित कई ऐसे मामले सामने आ चुके है जो केंद्र की योजना है जिसमे केंद्र का भी फंड शामिल है इन मामलों में भी बुलंद तरीके से आवाज उठाने में दुर्ग लोकसभा सांसद कभी सक्रिय दिखाई नहीं दिए । गाहे बगाहे जरूर घंटे दो घंटे के लिए फोटो बाजी की राजनीति दिख तो जाती है किंतु यह भी गुटीय राजनीति हावी नजर आती है । राजनीति में गुटबाजी एक आम बात है किंतु आम जनता तो इस गुटीय राजनीति में पिसती ही जा रही है ।
  आम जनता को आखिर किस बात की सजा मिल रही है जो उनका सांसद जिसे रिकार्ड मतों से दुर्ग की जनता ने विजयी तिलक लगाकर संसद तक पहुंचाया है । किंतु दुर्ग की जनता का दुर्भाग्य ही कहे की एक छोटे से शहर में कांग्रेस गुटीय राजनीति के कारण पिछड़ रहा है वही भाजपा में भी गुटीय राजनीति कोई कम नहीं हैं । आखिर इसमें जनता का क्या दोष जिस जनता ने विधानसभा चुनाव में खुलकर कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा का साथ दिया उसी तरह लोकसभा चुनाव में सांसद विजय बघेल का साथ दिया सिर्फ इस उम्मीद से की दुर्ग की स्थिति में सुधार हो किंतु लोकसभा सांसद होते हुए भी सांसद विजय बघेल दुर्ग की जनता का विश्वास जीतने में अभी तक नाकाम हुए . क्या दुर्ग की जनता आने वाले समय में दुर्ग के प्रति निष्क्रिय भूमिका निभाने वाले सांसद को फिर से चुनने की गलती करेंगे अभी 2 साल का समय शेष है लोकसभा चुनाव में ऐसे में क्या दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल अपनी गुटीय राजनीति को भूल कर उस जनता की सेवा और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे जिस जनता ने कांग्रेस से भी ज्यादा भाजपा के प्रत्याशी को अपना अमूल्य मत देकर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में भेजा है क्या विजय बघेल आने वाले समय में दुर्ग के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निष्पक्षता और गुटीय राजनीति से परे हटकर निभाएंगे या फिर गुटीय राजनीति और हम कीजिए जंग में दुर्ग की जनता अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए पक्ष और विपक्ष के दो पाटों में पिसती रहेगी ।
क्या दुर्ग की जनता के हितो के लिए समय निकालेंगे सांसद बघेल या प्रतिनिधि भेज कर हो जायेंगे मौन ...
  दुर्ग में आने वाले दिनों में बजट सत्र के लिए सामान्य सभा होने वाली है . दुर्ग निगम क्षेत्र और विधान सभा क्षेत्र लगभग बराबर है ऐसे में दुर्ग क्षेत्र के विकास में निगम बजट का बहुत बड़ा योगदान रहता है . वैसे तो दुर्ग निगम में विरोध की राजनीति करने में भाजपा आगे रहती है ये अलग बात है कि किसी भी विरोध के मुद्दे पर भाजपा द्वारा सतत प्रयास नहीं किया गया हो किन्तु सामान्य सभा में बजट के बारे में चर्चा और विचार विमर्श होना है ऐसे में दुर्ग लोकसभा सांसद भी इस बजट स्तर में आमंत्रित सदस्य होते है किन्तु हर बार सांसद द्वारा अपने प्रतिनिधि को भेजकर मौन हो जाते है जबकि आम जनता की मंशा यही रही है कि दुर्ग निगम क्षेत्र में विकास के मुद्दों पर सांसद अपनी भागीदारी निभाए एवं सांसद होने की जो जवाब देहि दुर्ग की जनता ने दी है उसे पूरी करे अब देखना यह है कि आने वाले दुर्ग निगम की सामान्य सभा कि बैठक में उपस्थिति देकर सांसद बघेल दुर्ग की जनता के उस प्यार का जो उन्हें मतदान के रूप में मिला है क़र्ज़ उतारते है या गुटबाजी की राजनीती के आगे मौन रहते है .
  बता दे कि कुछ दिनों पहले प्रदेश की महामहिम राज्यपाल उइके रायपुर नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक में मौजूद रही . शहर के विकास की जानकारी ली तो क्या दुर्ग सांसद के पास दुर्ग की जनता के लिए होने वाली सामान्य सभा में शिरकत करने का समय निकलेगा या फिर प्रतिनिधि ही भेज कर सांसद की जिम्मेदारी निभाएंगे .

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ