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एक बेटे को नहीं मिल रही अपने पिता की कोई खबर , पिछले 8 दिनों से भर्ती है श्री शंकराचार्य में Featured

  • rounak group

दुर्ग / शौर्यपथ / वर्तमान में दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण एक विस्फोटक के रूप में सामने आया है . सारा शहर दहशत में है . प्रतिदिन मरीजो के मिलने की संख्या बढती जा रही है रिकवरी रेट भी कम होते जा रहा है . प्रशासन अपने स्तर पर लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है . जिलाधीश द्वारा प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा की जा रही है बावजूद इसके कोई ना कोई ऐसी घटना / वाक्य सामने आ रहा है जो व्यवस्था की लापरवाही पर आम इंसान को सोंचने पर मजबूर कर दे रहा है . यु तो प्रशासन का कहना है कि हर मरीज का ख़ास ध्यान रखा जा रहा है किन्तु वही दूसरी तरफ मरीज के परिजन परेशान दिखाई दे रहे है जिनके पास कम्युनिकेशन की व्यवस्था है और नार्मल स्थिति में है वो तो अपने परिजनों से चर्चा कर ले रहे है और वस्तुस्थिति के बारे में बता रहे है किन्तु ऐसे भी कई मरीज है जो गंभीर स्थिति में है और बात करने की हालत में नहीं है ऐसे मरीज के परिजन काफी परेशान हो रहे है कारण एक मात्र उन्हें अपनों की खबर नहीं मिल रही कि वो कैसे है अंदर किस दशा में है इलाज से क्या लाभ हो रहा है स्थिति कैसी है ऐसे ही एक मामले में शौर्यपथ समाचार पत्र को डोमन देवांगन से कुछ चौकाने वाले तथ्य पता चला है . डोमन देवांगन के अनुसार उनके पिता 1 सितम्बर से भर्ती है और उनके पास मोबाइल भी है किन्तु फिर भी उनकी बात नहीं हो पा रही है . दो तीन दिन पहले अस्पताल से देर रात सुचना मिली कि उनके पिता की हालत खराब है और वो चाहे तो किसी अन्य अस्पताल में ले जा सकते है . ऐसी सुचना मिलने के बाद डोमन सिंह को अस्पताल प्रबंधन से कोई जानकारी नहीं मिली ना कोई चर्चा हुई पिछले तीन दिनों से डोमन देवांगन मानसिक रूप से परेशानं है कि किस हाल में उनके पिता जी है . डोमन देवांगन के शब्दों में उनकी व्यथा कुछ इस प्रकार से शौर्यपथ समाचार पत्र से साँझा की गयी .


मेरा नाम डोमेन प्रसाद देवाँगन है पिताश्री रामकुमार देवाँगन उम्र 65 है जोकि उन्हें थोड़ी सी उनकी तबीयत खराब थी तो मैंने दुर्ग के सरकारी अस्पताल में उनकी जांच कारवाई कोविड-19 जांच कराने पर पता चला कि वाह नेगेटिव हैं परंतु उसी सुबह फिर से डॉक्टरों के कहने पर जांच करवाई तो वह रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई मेरे पिता श्री राम कुमार देवांगन जी को आज 8 दिन हो गए हैं तथा उनके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल पा रही है मैंने हॉस्पिटल के नंबर पर कॉल लगाया परंतु वहां कोई निराकरण नहीं हुआ मेरे द्वारा प्रतिदिन कॉल किया जाता है परंतु वहां से कोई जवाब नहीं आता 6 तारीख शाम रात्रि 9:00 बजे शंकरा हॉस्पिटल से कॉल आया कि आपके पापा की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है आप उनको जहां ले जाना चाहे ले जा सकते हैं परंतु मेरे द्वारा उनको रिटर्न कॉल लगाया गया पर वह नहीं उठाए इतनी ही बात हुई थी मेरे द्वारा कॉल पर अब तक मैं प्रतिदिन उनको रोज कॉल कर रहा हूं फिर भी वहां फोन नहीं उठाया जाता . यहां तक मुझे यह भी जानकारी नहीं है कि वह कौन से वार्ड में है और कौन से आईसीयू में है .


क्या अस्पताल प्रबंधन को ऐसी व्यवस्था नहीं करनी चाहिए कि गंभीर मरीजो का हाल एक निश्चित समय पर उनके परिजन को बताते रहे ताकि परिजन जो मानसिक तकलीफ से गुजर रहे है तोड़ी राहत मिले क्या प्रशासन इस दिशा में कोई सार्थक कदम उठाएगा ?

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शौर्यपथ