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दुर्ग राजीव मितान भ्रष्टाचार:अध्यक्ष को मालूम नहीं और निकल गए खाते से हजारों रुपए! विधायक वोरा राजीव मितान क्लब के भ्रष्टाचार से अनजान या पुत्र मोह में मौन ! Featured

भुपेश सरकार की इस योजना में हो रहा भ्रष्टाचार इस बार तो शामिल है राजीव गांधी परिवार के करीबी भुपेश सरकार की इस योजना में हो रहा भ्रष्टाचार इस बार तो शामिल है राजीव गांधी परिवार के करीबी
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भुपेश सरकार की इस योजना में हो रहा भ्रष्टाचार इस बार तो शामिल है राजीव गांधी परिवार के करीबी नेता

दुर्ग। शौर्यपथ। पुत्र मोह के कारण एक पिता को सही गलत नजर नहीं आता पुत्र मोह के कारण कई राजनैतिक कद्दावर नेताओ को परिवारवाद का आरोप झेलना पडा चाहे वो देश के गृह मंत्री अमित शाह हो या फिर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह . कुछ ऐसा ही नजारा दुर्ग विधायक अरुण वोरा के साथ भी हो रहा है . पिछले कई दिनों से दुर्ग विधान सभा क्षेत्र में राजिव युवा मितान क्लब की अनियमितता की बाते उजागर हो रही है किन्तु यह मामला तब और ज्यादा चर्चा में आ गया  जब इस मामले में विधायक पुत्र का नाम भी जुड़ने लगा .
  उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वार्ड की युवा बेरोजगारों के लिए एक ऐसी योजना निकाली जिसे वार्ड में सामाजिक समरसता एकता और आपस में सामंजस्य से बना रहे इस योजना के तहत बेरोजगारों को समाज के साथ जुड़ने संस्कृति परम्परा को सहेजने के लिए राजीव मितान क्लब योजना की शुरुआत की है जिसके तहत प्रत्येक क्लब को साल भर में चार किस्तों में 25-25 हजार रुपया दिए जाते हैं जिससे क्लब के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा अपने वार्ड पंचायत आदि क्षेत्रों में सामाजिक सांस्कृतिक एवं खेलकूद जैसे आयोजनों में खर्च करने होते हैं .
  परंतु 30 सालों से दुर्ग शहर में कांग्रेस के मुखिया बने कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा के द्वारा नियुक्त राजीव मितान क्लब के संयोजक विवेक मिश्रा जबकि आधिकारिक तौर पर सुशील भारद्वाज का नाम है द्वारा दुर्ग के राजीव मितान क्लब में कई प्रकार की अनियमिताएं की बातें सामने आ रही है राजीव मितान क्लब में अनियमितता की लंबी कड़ी है जिसे एक ही बार में नहीं बताया जा सकता .
   आज आपको राजीव मितान क्लब के एक वार्ड में हो रही अनियमितता के बारे में विस्तार से बताते हैं दुर्ग शहर के वार्ड न. 15 में बने राजीव मितान क्लब के सदस्यों अध्यक्ष आदि को यह भी जानकारी नहीं की उनके बैंक अकाउंट खुल चुके हैं एवं उसमें शासन द्वारा राशि जमा भी की जा चुकी है आश्चर्य की बात तो यह है कि क्लब की जिम्मेदार सदस्य ने यह कहा कि उनके द्वारा किसी भी प्रकार की राशि की निकासी नहीं की गई बावजूद इसके उनके क्लब के खाते से एक बड़ी राशि निकालने की सूचना उन्हें एसएमएस द्वारा प्राप्त हुई क्लब के जिम्मेदार सदस्य ने यह भी कहा कि ना ही वह बैंक से चेक बुक लेकर गए हैं और ना ही किसी प्रकार की राशि का आहरण किया वह खुद आश्चर्य में है कि उनके खाते से या राशि कैसे और कब निकल गई .

सुशील भारद्वाज - संयोजक -राजिव मितान क्लब (आधिकारिक)
  इस बारे में जब वह (क्लब के सदस्यों द्वारा ) दुर्ग विधायक प्रतिनिधि एवं राजीव मितान क्लब के संयोजक (विधायक द्वारा नियुक्त विवेक मिश्रा से चर्चा करनी चाहिए तो सदस्य हिरवानी के कथन अनुसार इस बारे में उन्हें मौन रहने की सलाह दी गई एवं किसी से भी बात नहीं करने कहा गया ।
  बडी बात यह है कि जब सदस्य के द्वारा बैंक से चेक बुक नहीं ले जाया गया तो चेक बुक आखिर बैंक कर्मचारियों ने किसे दिया । वही यह बात भी सामने आ रही है कि सारे चेक बुक नगर निगम दुर्ग में भेज दिए गए वहां से विधायक कार्यालय के निवास से कोई व्यक्ति आकर ले गया अगर यह राशि कांग्रेस पार्टी की होती तो इसे कोई भी ले जाए यह कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मामला होता किंतु राजीव मितान क्लब की राशि शासन की राशि है एवं आम जनता की राशि से योजना में खर्च की जाती है ऐसे में चेक बुक का बैंक के कर्मचारियों द्वारा निगम को किस नियम के तहत दिया गया एवम यह चेक बुक निगम ने किसके सुपुर्द किया यह जांच का विषय है . वही निकासी की रकम जिसकी सहमति क्लब की जिम्मेदार पदाधिकारी को भी ज्ञात नहीं की जांच होनी चाहिए देखना यह है कि 17 तारीख मतदान के बाद एवं 3 तारीख परिणाम के बाद प्रदेश में किसकी सरकार बनती है सरकार जिस भी राजनीतिक दल की बने हैं किंतु पैसा शासन का है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए एवं दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Vivek mishra  विवेक मिश्रा विधायक पुत्र के मित्र एवं संयोजक राजीव मितान क्लब दुर्ग (विधायक वोरा द्वारा नियुक्त )

अचानक ख़ास बने विवेक मिश्रा विधायक पुत्र के परम मित्र
  पिछले चुनाव में जोगी कांग्रेस के समर्थक एवं निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने वाले विवेक मिश्रा वर्तमान में राजिव मितान क्लब के विधायक द्वारा नियुक्त सर्वेसर्वा है वही आधिकारिक संयोजक सुशील भारद्वाज से किसी भी प्रकार की कोई सलाह नहीं लेना व सुशील भरद्वाज द्वारा इस बात की जानकारी उच्च नेताओ को देना बताया गया है .
दुर्ग शहर में कुल 60 राजीव मितान क्लब है एवं कई क्लब के सदस्यों को ए भी नहीं मालुम की क्लब में आये पैसे किसके हस्ताक्षर से निकल गए वही कई अध्यक्षों का यह कहना है कि विधायक कार्यालय में बुलाकर चेक बुक में हस्ताक्षर करवाए गए जबकि वार्ड में किसी तरह का कोई कार्य नहीं हुआ बावजूद इसके राशि खाते से निकल गई . अलग अलग सदस्य अलग अलग बाते और हर बात विधायक बंगले से जुडी . बड़ा सवाल यह है कि अगर विधायक पुत्र जो विधायक वोरा द्वारा नियुक्त संयोजक के खास मित्र है की जानकारी विधायक अरुण वोरा को है या नहीं अगर है तो इस पर अभि तक संज्ञान लेकर लगाम क्यो नहीं लगाया गया अगर नहीं तो क्या विधायक पुत्र पद की ताकत के आगे शासन की राशि का दुरूपयोग कर रहे है . वही यह बात भी सामने आ रही है कि पिछले एक माह में अधिकतर क्लब के खाते से 50 से 75 हजार की राशि का आहरण हुआ ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या इस राशि का चुनाव में उपयोग किया जाना है क्योकि वर्तमान समय में आचार संहित में किसी भी तरह के आयोजन होना असंभव सा है . क्या प्रदेश कांग्रेस मामले को संज्ञान लेगी , क्या प्रशासन मामले को संज्ञान लेकर इसकी बारीकी से जाँच कराएगा ...

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Last modified on Friday, 10 November 2023 22:08
शौर्यपथ