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छोटी जमीन बड़ी दूकान ,अवैध कब्ज़ा किन्तु भिलाई निगम मौन ? Featured

  • rounak group

भिलाई / शौर्यपथ / कब्ज़ा एक ऐसा शब्द जो आदमी की हैसियत देख कर प्रशासन की कार्यवाही निर्भर कर्ता है . अगर कब्जाधारी इंसान म्वार्ग हो तो निगम या तो जुर्माना वसूल कर्ता है और अतिक्रमण हटाने की ताकीद कर्ता है या फिर निगम का तोडू दस्ता पूरी फौज के साथ आकर अवैध कब्ज़े को हटा देता है क्योकि ऐसे कब्जाधारी कमजोर व माध्यम वर्ग के होते है जिस पर निगम प्रशासन की सख्ती कार्य करती है किन्तु अगर कब्जाधारी रसूखदार हो या धनवान हो तो कब्ज़ा करने में आसानी और कार्यवाही में लेटलतीफी आम बात हो जाति है . जी हाँ ऐसा ही कुछ मामला भिलाई निगम के आकाश गंगा क्षेत्र का है जहां के निगम काम्प्लेक्स में कई दुकानदारों द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए बने बरामदे को कब्ज़ा कर कच्चा / पक्का निर्माण कर दिया गया और भिलाई निगम के अधिकारी सिर्फ देखते है और मौन रहते है क्योकि कब्जाधारी के रसूख के आगे शासन के सारे नियम एक कोने में रखे रह जाते है .
मामला है आकाश गंगा भिलाई के निगम काम्प्लेक्स का जहाँ निगम प्रशासन द्वारा निर्मित काम्प्लेक्स के डी ब्लाक में पारस ज्वेलर्स के नाम से संस्थान संचालित हो रहा है . यह संस्थान साल डो साल पहले ही बना है किन्तु भवन किस नियम के तहत बना है ये भवन अनुज्ञा अधिकारी भिलाई निगम को भी पता नहीं भवन अनुज्ञा अधिकारी के अनुसार किसी भी व्यवसायिक भवन के निर्माण के लिए भवन अनुज्ञा भिलाई निगम के मुख्य कार्यालय से प्रदान की जाति है किन्तु डो साल पहले बने पारस ज्वेलर्स का कोई रिकार्ड ऑनलाइन सिस्टम में उपलब्ध नहीं है जबकि 2017 से भवन अनुज्ञा ऑनलाइन पद्दति से हो रही है . भवन अनुज्ञा अधिकारी के अनुसार ऑफ लाइन में निरिक्षण करने पर ही ज्ञात होगा की निर्माण किस नियमके तहत हुई है .
निगम के अधिकारियो ने यह भी बताया की दूकान की साइज़ अनुमानत: 80 वर्गफीट है किन्तु निर्माण को देखने से ही साफ़ प्रतीत होता है की निर्माण कम से कम 200 वर्गफीट पर किया गया है और आम जनता के लिए निर्मित पब्लिक स्पेस बरामदे पर भी अवैध कब्ज़ा कर निर्माण को अंजाम दिया गया है .
इस बारे में जब जोन आयुक्त सुनील अग्रहरी से चर्चा र्की गयी तो उनके अनुसार इस बात की जानकारी नहीं कि किस नियम के तहत निर्माण हुआ है किन्तु मामले की जाँच कर उचित कार्यवाही की जाएगी और अगर अवैध रूप से निर्माण हुआ है तो निश्चित ही नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी .
अब देखना यह है की जिस तरह गरीबो के अतिक्रमण पर निगम प्रशासन कार्यवाही में तत्परता दिखाती है वैसी ही तत्परता पारसा ज्वेलर्स के मामले पर भिलाई निगम प्रशासन और जोन 1 कार्यालय दिखाएगी या नहीं ?

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शौर्यपथ