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“SANKALP” के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर: ₹1.72 लाख करोड़ का जन-केंद्रित बजट

  • devendra yadav birth day

रायपुर, ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र, समावेशी और तीव्र विकास का खाका पेश किया। “SANKALP” थीम पर आधारित यह बजट ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में निर्णायक कदम बताया गया।

राज्य का बजट आकार बढ़कर ₹1 लाख 72 हजार करोड़ पहुंच गया है, जो शुरुआती वर्षों के ₹5 हजार करोड़ की तुलना में 35 गुना अधिक है। सरकार ने स्पष्ट किया कि विकास की इस दौड़ में समाज का कोई भी वर्ग या क्षेत्र पीछे नहीं रहेगा।


SANKALP थीम: विकास का सात सूत्रीय एजेंडा

बजट की थीम SANKALP के तहत सात प्रमुख स्तंभ निर्धारित किए गए हैं—

  • S – समावेशी विकास

  • A – अधोसंरचना

  • N – निवेश

  • K – कुशल मानव संसाधन

  • A – अंत्योदय

  • L – लाइवलीहुड (आजीविका)

  • P – पॉलिसी से परिणाम तक


बस्तर–सरगुजा पर विशेष फोकस

सरकार ने स्पष्ट किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के बिना समावेशी विकास संभव नहीं।

शिक्षा क्रांति

  • अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापना हेतु ₹100 करोड़।

  • बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ का प्रावधान।

पर्यटन हब के रूप में उभार

  • होम-स्टे नीति लागू।

  • मैनपाट, जशपुर सहित धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष प्रावधान।

सिंचाई और जल संसाधन

  • इंद्रावती पर बैराज निर्माण (₹2,024 करोड़)

  • विभिन्न बैराज और लिफ्ट इरिगेशन परियोजनाओं के लिए सैकड़ों करोड़ का प्रावधान।

सड़क एवं कनेक्टिविटी

  • दूरस्थ गांवों को जोड़ने के लिए विशेष सड़क परियोजनाएं।

  • 206 दुर्गम गांवों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने की योजना।


महिला सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन’ से ‘लखपति दीदी’ तक

महिलाओं के लिए बजट में बड़े प्रावधान किए गए हैं—

  • महतारी वंदन योजना हेतु ₹8,200 करोड़।

  • अब तक 70 लाख महिलाओं को ₹14,000 करोड़ से अधिक राशि वितरित।

  • ‘लखपति दीदी भ्रमण योजना’ की घोषणा।

  • 250 महतारी सदन निर्माण के लिए ₹75 करोड़।

  • बालिकाओं के 18 वर्ष पूर्ण होने पर ₹1.5 लाख देने हेतु नई योजना (₹15 करोड़ प्रावधान)।


स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा विस्तार

सभी वर्गों को सुलभ और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं देने पर जोर—

  • शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के लिए ₹1,500 करोड़।

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु ₹2,000 करोड़।

  • 220 बिस्तर जिला अस्पताल (अंबिकापुर) एवं 200 बिस्तर जिला अस्पताल (धमतरी) निर्माण।

  • नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन और नर्सिंग कॉलेज स्थापना।

  • रायपुर में एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट विस्तार।


अधोसंरचना: विकास की रीढ़

राज्य में लगभग ₹47 हजार करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर।

नई सड़क योजना

  • “द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना” के तहत 36 सड़कों का उन्नयन।

  • लोक निर्माण विभाग के लिए ₹9,450 करोड़ का प्रावधान।

राजधानी पैकेज (रायपुर)

  • प्रमुख फ्लाईओवर और सड़कों के लिए सैकड़ों करोड़।

  • बिजली लाइनों का अंडरग्राउंडीकरण।

  • मेट्रो रेल परियोजना के लिए सर्वे पूर्ण, बजटीय प्रावधान शामिल।


जल संसाधन और सिंचाई में ऐतिहासिक निवेश

  • सिकलसार–कोडार नहर लिंकिंग परियोजना (₹3,047 करोड़ स्वीकृति)।

  • महानदी पर मोहम्मेला–सिरपुर बैराज (₹690 करोड़)।

  • जल संसाधन विभाग के पूंजीगत प्रावधान में ऐतिहासिक वृद्धि।


सहकारिता और किसानों के लिए राहत

  • ब्याज मुक्त ऋण योजना के लिए ₹300 करोड़।

  • 50 नए गोदाम निर्माण हेतु ₹150 करोड़।

  • सहकारी समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना।


समग्र दृष्टि

बजट में स्पष्ट संदेश दिया गया कि राज्य की प्राथमिकता समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सपनों को साकार करने का रोडमैप है।


निष्कर्ष

वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट छत्तीसगढ़ को 2030 के मध्यकालिक लक्ष्य और 2047 के विकसित राज्य के विज़न की ओर ले जाने वाला बताया जा रहा है। विशेषकर बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित निवेश राज्य की क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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