दीपक वैष्णव की ख़ास रिपोर्ट
कोंडागांव। पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कोंडागांव विकासखंड के ग्राम पंचायत सम्बलपुर में पदस्थ सचिव बालकृष्ण पोयाम एवं शंकर वैष्णव पर जांच उपरांत लघु शास्ति अधिरोपित की गई है।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि पंचायत निधि से अनियमित तरीके से राशि आहरित की गई। आरोप है कि संबंधित सचिवों द्वारा स्वयं से संबंधित फर्म के माध्यम से भुगतान आहरण किया गया। इस मामले को समाचार पत्र शौर्यपथ ने प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके पश्चात शिकायत के आधार पर विधिवत जांच प्रारंभ की गई।
कारण बताओ नोटिस के बाद हुई दंडात्मक कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई द्वारा प्रारंभिक परीक्षण के पश्चात दोनों सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने तथा प्रस्तुत कथन तथ्यविहीन पाए जाने पर यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 15 के विपरीत माना गया।
फलस्वरूप सक्षम प्राधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा नियम 1999 के नियम 5(क)(दो) के अंतर्गत लघु शास्ति अधिरोपित करते हुए दोनों की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने का आदेश पारित किया गया। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है
पंचायतों में बढ़ी सख्ती, अन्य मामलों की भी जांच जारी
उल्लेखनीय है कि शौर्यपथ द्वारा बम्हनी सहित अन्य पंचायतों में भी वित्तीय अनियमितताओं के मामलों को उजागर किया गया है। सूत्रों के अनुसार कुछ अन्य पंचायतों में भी बड़ी राशि आहरण की जांच प्रचलन में है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई संभव है।
जिला पंचायत प्रशासन के इस कदम को पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।