भिलाई नगर / शौर्यपथ / वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन द्वारा अपनी जान को खतरा और हत्या की साजिश के आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि विधायक के बयान कहीं न कहीं प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
दरअसल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मंच से विधायक रिकेश सेन भावुक होते हुए अपनी जान को खतरा होने की बात कहते नजर आए। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। बाद में जब विधानसभा में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इस मुद्दे को उठाया और एक विधायक की सुरक्षा को लेकर सवाल किया, तब विधायक सेन का बयान कुछ अलग ही अंदाज में सामने आया, जिससे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछले चार विधानसभा कार्यकाल से वैशाली नगर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक लगातार चुने जाते रहे हैं और प्रदेश में भी लगभग 25 वर्षों में करीब 18 वर्षों तक भाजपा की सरकार रही है। ऐसे में जब स्वयं भाजपा के विधायक अपनी सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त करते हैं, तो यह अप्रत्यक्ष रूप से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
इस बीच भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए रविवार 15 मार्च को जिला पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के नाम थाना सुपेला में ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि ही अपनी जान को खतरा बता रहा है तो इससे आम जनता में भय और भ्रम की स्थिति बन सकती है।
भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल सुपेला थाना पहुंचा और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मुकेश चंद्राकर ने बताया कि विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से भी अपनी जान को खतरा बताया है और अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में यह मामला उठने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। यदि प्रदेश की भाजपा सरकार और सख्त पुलिस प्रशासन के बीच एक विधायक को ही भय महसूस हो रहा है तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक रूप से सवाल उठना लाजिमी है।
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर साजिशकर्ता को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसका नाम सार्वजनिक किया जाए, ताकि क्षेत्र में फैल रही अफवाहों और भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके तथा जनता का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान महापौर नीरज पाल सहित सीजू एंथोनी, इरफान खान, बृजमोहन सिंह, नरसिंह नाथ, जी. राजू, सौरभ मिश्रा, दिनेश पटेल, भूपेंद्र यादव, राजेश साहू, मोहम्मद रफीक, आनंद डोंगरे, दर्शन सिंह, निरंजन बिसाई, वासु पांडे, विनोद यादव, रविंद्र सिंह, अली हुसैन सिद्दीकी, मोहम्मद शोएब, हीरा शंकर साहू, अजय यादव, जितेश बंजारे, शमशेर सिद्दीकी, सोनू अंसारी, योगेश राव सहित सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
वहीं पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि हाल ही में कुछ विवादों और बयानों के चलते क्षेत्र की राजनीति पहले से ही गरमाई हुई थी। ऐसे में विधायक द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताने से मामला अब और अधिक राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।