विधायक रिकेश सेन के दावों के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का बड़ा बयान, बोले— "आरोप अब सही साबित होते दिख रहे हैं, निष्पक्ष जांच हो"
रायपुर/भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में कथित लोहा चोरी का मामला अब केवल कानून-व्यवस्था या आपराधिक जांच का विषय नहीं रह गया है, बल्कि इसने प्रदेश की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान ने इस पूरे मामले को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा बीएसपी से हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपये की संगठित चोरी के लगाए गए आरोप अब सामने आ रही गिरफ्तारियों के बाद सही साबित होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला साधारण चोरी का नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का है।
महंत ने आशंका व्यक्त की कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ी तो इसमें बीएसपी के कुछ अधिकारियों, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय पुलिस तथा राजनीतिक संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने मांग की कि जांच किसी दबाव में नहीं बल्कि पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और यदि किसी बड़े नेता का संरक्षण रहा है तो उसे भी उजागर किया जाए।
रिकेश सेन लगातार करते रहे बड़े दावे
दूसरी ओर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन इस पूरे प्रकरण को लेकर लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से कई गंभीर दावे करते रहे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा था कि सीबीआई जांच होने पर बड़े-बड़े अधिकारी और नेता गिरफ्तार होंगे तथा कई लोगों का राजनीतिक जीवन समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय संपत्ति को लूटने वालों के चेहरे सीबीआई जांच के बाद बेनकाब होंगे।
रिकेश सेन ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया था कि भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किया गया लोहा रसमड़ा स्थित फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपये के लेन-देन से मामले दबाए जाते रहे।
विधायक ने यह भी लिखा कि जब से उन्होंने बीएसपी लोहा चोरी का मुद्दा उठाया है, तब से कुछ नेताओं और कुछ यूट्यूब चैनलों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एक यूट्यूबर ने, जो कथित रूप से सट्टा और लोहा चोरी से जुड़ा रहा है, एक राष्ट्रीय समाचार पत्र के रिपोर्टर पर खबर नहीं चलाने का दबाव बनाया।
जांच के दायरे पर बढ़ी निगाहें
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच केवल गिरफ्तार व्यक्तियों तक सीमित रहेगी या फिर उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी, जिसकी ओर लगातार इशारा किया जा रहा है। विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि विधायक रिकेश सेन पहले से ही बड़े अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण की जांच की बात कहते रहे हैं।
भिलाई इस्पात संयंत्र जैसी राष्ट्रीय संपत्ति से जुड़े इस कथित संगठित लोहा चोरी प्रकरण में आगे की जांच और एजेंसियों की कार्रवाई पर अब पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
नोट: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बयानों, सोशल मीडिया पोस्टों और प्रेस में प्रकाशित कथनों पर आधारित है। विधायक रिकेश सेन के सोशल मीडिया दावे तथा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान उनके अपने कथन हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा।