दीपक वैष्णव की ख़ास रिपोर्ट
कोंडागांव।
केशकाल वनमंडल में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। शौर्यपथ दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के बाद विभाग हरकत में आया है और केशकाल डीएफओ दिव्या गौतम द्वारा मामले में खंडन जारी किया गया है।
मामला भारी वाहन चालक पद की भर्ती से जुड़ा है, जिसमें डीएफओ दिव्या गौतम और एसडीओ सुषमा नेताम पर मिलीभगत कर चयन प्रक्रिया में फेरबदल करने का आरोप लगाया गया है। खबर के अनुसार, पहले मंजीत (पिता गुरविंदर सिंह) को पात्र घोषित किया गया था, लेकिन बाद में उसे अपात्र कर फरसगांव निवासी विक्की बंजारे को भर्ती कर लिया गया।
शौर्यपथ द्वारा इस मामले को उजागर किए जाने के बाद वनमंडल कार्यालय द्वारा जल्दबाजी में एक पत्र जारी कर समाचार में प्रकाशित तथ्यों का खंडन किया गया है। हालांकि, समाचार पत्र का दावा है कि बिना दस्तावेजों के कोई खबर प्रकाशित नहीं की जाती और उनके पास ठोस प्रमाण मौजूद हैं।
मामले को और गंभीर बनाते हुए यह भी सामने आया है कि कथित रूप से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर भर्ती की गई। इस संबंध में हीरा एग्रो कंपनी ने मुख्य वन संरक्षक कांकेर को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा किसी भी प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।
अब पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। क्या प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।