पानी की टंकी में गंदगी का अंबार, सांकरा के स्कूली बच्चे दूषित पानी पीने मजबूर
गंदे पानी की टंकी से प्यास बुझा रहे सांकरा हाईस्कूल के विद्यार्थी, जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल
Report by Tharun Nishad
धमतरी- नगरी ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सांकरा में विद्यार्थियों को साफ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में पीने के पानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टंकी कई दिनों से साफ नहीं किए जाने के कारण उसमें गंदगी और तलछट जमा होने की बात सामने आई है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को इसी टंकी के पानी का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एनएसयूआई कार्यकर्ता भावेश चंदनिया ने विद्यालय की पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि टंकी की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है और उसमें गंदगी स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना विद्यालय की मूलभूत जिम्मेदारी है। नागरिक होने के नाते बच्चों की समस्याओं को सामने लाना उनका दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करना है।
चंदनिया ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों पर विद्यालय स्तर से अनावश्यक दबाव भी बनाया जाता है और उन्हें अपनी समस्याएं बाहरी लोगों के सामने नहीं रखने की बात कही जाती है। यदि विद्यार्थियों को अपनी मूलभूत समस्याएं बताने से रोका जा रहा है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि विद्यालय की पानी टंकी की तत्काल सफाई कराकर पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा विद्यार्थियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले कलेक्टर अविनाश मिश्रा के नगरी-सिहावा वनांचल क्षेत्र के दौरे के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उन्हें सांकरा हाईस्कूल की इस समस्या से अवगत कराया था। इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में अब शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन से त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। बच्चों को स्वच्छ पानी देना सुविधा नहीं, उनकी बुनियादी जरूरत है। ऐसे में गंदे पानी की टंकी की तत्काल सफाई और नियमित रखरखाव की व्यवस्था जरूरी है।