दुर्ग । शौर्यपथ । ग्रामीणों के विकास की पहली प्रशासनिक कड़ी पंचायत सचिव होता है । पंचायत सचिव ही है जो ग्रामीण इलाकों में विकास की हर गाथा को साकार ज़मीनी स्तर पर पंचायत सचिव ही करते है । यही पंचायत सचिव रमन सरकार के समय से नियमितीकरण की मांग करते आ रहे है । 2018 के चुनावी समर में पंचायत सचिवों को नियमित करने और उनकी मांग को घोषणा पत्र में शामिल करने वादा कांग्रेस की ओर से घोषणा पत्र समिति के संयोजक टी एस सिंहदेव ने किया था । उन्होंने भारी सब्ज में कहा था कि कांग्रेस की सरकार बनते ही 10 दिनों के अंदर पंचायत सचिवों को नियमित किया जाएगा । आज जबकि टी एस सिंहदेव स्वयं छत्तीसगढ़ सरकार में पंचायत मंत्री है और अब सचिव संघ उनसे ये उम्मीद कर रहा है कि टी एस सिंहदेव अपना किया हुआ वादा और कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल मांग को पूरा करे । पंचायत सचिव संघ की उम्मीद है कि प्रदेश के छत्तीसगढ़िया मुखिया भूपेश बघेल जिस तरह किसानों का हज़ारों करोड़ का कर्जा माफ किया , समर्थन मूल्य में धान खरीद कर किसानों की जिंदगी बदली , बिजली बिल हाफ , शिक्षा कर्मियों को नियमित किया ठीक उसी तरह पंचायत सचिवों की जायज मांग को पूरा करेंगे । वादा कब पूरा होता है ये तो समय बताएगा किन्तु वर्तमान में सचिव संघ पंचायत मंत्री से मौन रहकर , हड़ताल कर , धरना देकर , उग्र आदोंलन की बात कह कर ये पूछ रहा है कि मंत्री जी क्या हुआ तेरा वादा .....