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प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर सबसे ज्यादा धान खरीदी जांजगीर-चांपा जिले में Featured

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अंतिम तिथि तक -1,83,529 किसानों से 7 लाख,98 हजार 274.32 मेट्रिक टन धान का उपार्जन
लक्ष्य के विरूद्ध 97.78 फ़ीसदी धान की खरीदी

जांजगीर-चाम्पा / शौर्यपथ / कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्ध हो रही खेती-किसानी के लिए यह एक सुखद भविष्य का संकेत है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते धान की खेती के पंजीयन का रकबा और पंजीकृत किसानों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्य में खेती-किसानी को एक सम्बल मिला। कृषि छोड़ चुके लोग फिर कृषि कार्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की कृषि आदान सहायता राशि मिलने से किसानों का खेती किसानी के प्रति उत्साह बढ़कर दोगुना हो गया। इस योजना के तहत राज्य के किसानों को 5,750 करोड़ रूपए की सीधी मदद दी जा रही है। तीन किश्तों की राशि किसानों के खातों में अंतरित कर दी गई है और चौथी किश्त की राशि भी मार्च 2021तक अंतरित कर दी जाएगी।
कलेक्टर श्री यशवंत कुमार केे मार्ग निर्देशन में प्रदेश में सबसे ज्यादा धान खरीदी जांजगीर-चांपा जिले में हुई है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतिम दिवस तक 1,83,529 किसानों ने कुल 7,98,274.32 मेट्रिक टन धान बेचा है। जिले का 92 प्रतिशत कृषि रकबा सिंचित होने का लाभ किसानों को मिल रहा है। किसानों की कड़ी मेहनत और कृषि के आधुनिक तरीके अपनाकर धान उत्पादन का रिकार्ड बनाया गया है। जिले में धान बेचने वाले कृषकों को विक्रय किये गये धान के एवज में अब तक 1,491 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
किसान पंजीयन व कृषि रकबा मे वृद्धि-
खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु जिले में कुल 1,88,425 किसानों का पंजीयन किया गया, जो गतवर्ष पंजीकृत कृषक संख्या 1,73,239 की तुलना में लगभग 15,186 अधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जिले में कुल 2,20,302.96 हेक्टेयर धान के रकबे का पंजीयन किया गया है, जो गतवर्ष पंजीकृत रकबे 2,19,606.90 हेक्टेयर रकबे की तुलना में लगभग 696.06 हेक्टेयर अधिक है। इस वर्ष गिरदावरी के माध्यम से जिले में लगभग 20,226 नवीन किसानों के 14,059.06 हेक्टेयर नवीन रकबे का भी पंजीयन किया गया है।
पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया गया बारदाना -
जिला प्रशासन द्वारा बारदानों की कमी को दूर करने अनेक वैकल्पिक व्यवस्थाए की गई। जिला स्तर व उपार्जन केन्द्र स्तर पर सतत निगरानी के लिए जिला प्रशासन द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये थे। जिले में धान उपार्जन के अनुमानित लक्ष्य को ध्यान मे रखते हुए जिले के सभी 230 धान उपार्जन केन्द्रो के लिए प्र्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाने को लेकर किसानो को किसी तरह की परेशानी नही हुई। पीडीएस दुकानों से अतिरिक्त बारदानों की आपूर्ति करने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह फरवरी 2021 के खाद्यान्न् आबंटन का वितरण माह जनवरी में किया किया गया। इसके अलावा बारदानों की आवश्यकता पड़ने पर किसानो के बारदानों में धान खरीदी की भी अनुमति राज्य शासन द्वारा प्रदान की गई। इस तरह बारदानों की शतप्रतिशत उपलब्धता जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई।
छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी का एक नया रिकार्ड-
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या, कुल पंजीकृत रकबा, बेचे गए धान के रकबे, धान बेचने वाले किसानों के प्रतिशत के साथ-साथ कुल उपार्जित धान की मात्रा में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में राज्य गठन के 20 वर्षों में इस वर्ष छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी का नया कीर्तिमान बना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी का एक नया रिकार्ड बना है।
धान खरीदी के लिए पुख्ता इंतजाम -
राज्य में बीते दो सालों में खेती-किसानी के रकबे और किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य में विषम परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। किसानों को भुगतान निरंतर किया गया। कस्टम मीलिंग के साथ ही संग्रहण केन्द्रों में धान का उठाव भी निरंतर जारी है। प्रदेश में धान खरीदी का काम शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ है।

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