पति शैलेन्द्र पाण्डेय के साथ अब आमरण अनशन पर बैठेगा पूरा परिवार
शासन प्रशासन को सबूत देने के बाद भी नही कर रहे हैं ठगी करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही
दुर्ग / शौर्यपथ /
15 लाख की ठगी का मामला जो पिछले 5-6 सालो से चला आ रहा है . इस ठगी के मामले में भिलाई निवासी शैलेन्द्र पाण्डेय ने दुर्ग ही नहीं छत्तीसगढ़ के कद्दावर भाजपा नेता पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय के बंगले में हुई उनके ख़ास समर्थको मुन्ना पाण्डेय , गोल्डी सोनी और सहयोगियों पर आरोप लगाते हुए पिछले एक माह से भूख हड़ताल पर बैठे है . मामले में कितनी सच्चाई है कितनी नहीं ये जांच का मुद्दा है किन्तु जिस तरह से शैलेन्द्र पाण्डेय की जिद है कि मामले की जाँच हो और दोषियों पर कार्यवाही हो उनकी यह जिद के पीछे कोई ना कोई कारण तो होगा क्योकि शैलेन्द्र पाण्डेय द्वारा जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया जा रहा है उसे पूर्व मंत्री का ख़ास समर्थक के रूप में भिलाई के निवासी जानते है साथ ही शैलेन्द्र पाण्डेय द्वारा जिस जिले की घटना बताई जा रही है वह जिला भी जालसाजी के समय प्रेम प्रकाश पाण्डेय का प्रभार जिला होता था . आज शैलेन्द्र पाण्डेय खुले आम जालसाजी की पहली सीढ़ी पूर्व मंत्री के बंगले से शुरू होने की बात कर रहे और प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए पिछले एक माह से आमरण अनशन के साथ लगातार प्रयास कर रहे कि मामले की जल्द से जल्द जाँच हो . पिछले एक माह से चल रहे आमरण अनशन में अब शैलेन्द्र पाण्डेय की धर्म पत्नी समीरा पाण्डेय भी पति का साथ देने मैदान में उतर गयी है . श्रीमती समीरा पाण्डेय ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि 08 फरवरी से वो भी अपने पति शैलेन्द्र पाण्डेय के साथ आमरण अनशन में बैठेंगी . अब देखते है कि ठगी के इस मामले में प्रशासन का क्या रुख रहता है .
शैलेन्द्र पाण्डेय की पत्नी श्रमिती समीरा पाण्डेय ने दुर्ग जिला प्रेस क्लब के प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि हम सब परिवार सेक्टर पांच मेंं रहते हैं। सत्य एवं न्याय के लिए पिछले 7 जनवरी से हमारे पति शैलेन्द्र पाण्डेय सेक्टर 9 चौक पर आमरण अनशन पर बैठे हैें, सभी सबूत होने के बावजूद शासन प्रशासन द्वारा हमारे साथ 15 लाख रूपये पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय के खासमखास लोगों द्वारा धोखाधड़ी किये जाने के मामले में कोई कार्यवाही नही कर रही है। अब हम पूरे परिवार के साथ सेक्टर 9 चौक पर भूखहड़ताल और आमरण अनशन पर बैठने जा रहे हैँ। श्रीमती समीरा पाण्डेय ने आगे बताया कि चरामा स्थित साधुनवागांव रेत खदान में अपने साथ हुई छल पूर्वक 50 लाख की ठगी के मामले में एफआईआर की मांग करते हुए एक माह से आमरण अनशन पर भूखहड़ताल पर बैठे हैं। उनके न्याय की लडाई सभी लोगों योगेन्द्र पाण्डेय उर्फ मुन्ना पाण्डेय,बसंत साहू, गोल्डी सोनी के खिलाफ है। इन्होंने छत्तीसगढ राज्य के पूर्व मंत्री एवं तत्कालीन 2015 में कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय के नाम पर रेत खदान में इन्वेंसमेंट करवा कर रेत खदान चालू करवाने के नाम पर हमारा घर बार ये लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए बर्बाद कर डाले। हमारा सब कुछ बिक गया और इन सब लोगांं के साथ इस कृत्य ने मेरी बेटी के दूध और अन्न तक तरसाया। जैसे तैसे चरामा में दूसरे खदान शैलेन्द्र ने शुरू किया लेकिन उसे भी इन लोगों ने इष्र्या और राजनीतिक द्वेष ने अपने ऊंची राजीतिक पहुंच के कारण शैलेन्द्र के रेत खदान को 12 दिनों में ही बंद करवा दिये। इन लोगों के खिलाफ अधिकतर सबूत शासन और प्रशासन को इन पर एफआईआर के लिए दिया जा चुका है, फिर भी सत्य को आज एक महिने से भूख हड़ताल और आमरण अनशन करना पड़ रहा है। इस मामले मेे साफ साफ दिख रहा है कि ऊंची राजनीति के कारण इन लोगों के विरूद्ध शासन प्रशासन कार्यवाही नही कर रहा हैऔर प्रशासन इस मामले में मौन बैठा है और भौगोलिक स्थितियों बताकर एफआईआर नही करना आश्चर्यचकित करने वाला है। जिन लोगों ने खदान आरंभ कराने का भरोसा दिलाया वहीं लोग हमारे साथ छल किये। छले करने वालों से प्रेमप्रकाश पाण्डेय के बंगला में हमारे पति शैलेन्द्र को बुलवाकर वही रेत खदान के लिए पैसा इन्वेसमेंट का झांसा दिया गया और सेक्टर 1 चौक में जूस दुकान पर बुलाकर पचास प्रतिशत इन्वेस्टमेंट करने की बात कहे थे। इन लोगों ने आशीष इंटरनेशनल के बाजू में स्थित आफिस भिलाई में जहां पैसे लेकर ये सब शैलेन्द्र पाण्डेय के साथ चरामा गये थे और पैसे बंटवाया और रेत खदान चालू जल्द कराने का आश्वासन दिये और एग्रिमेंट करवाये थे। एग्रिमेंट में जितना दिन तक पार्टनरशिप में कार्य करने का किया गया था उतने दिन तक खदान को चालू नही किया गया और एग्रिमेंट की तिथि खत्म होते ही मुन्ना पाण्डेय और उनके सहयोगियों ने खुद खदान चालू कर लिये लेकिन हमारा पन्द्रह लाख रूपये आज तक नही दिये।