नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव से दो दिन पहले कहा कि जैसे ही उत्तराखंड में नई बीजेपी सरकार बनेगी, वैसे ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी. खटीमा में उन्होंने कहा कि इस संहिता के लागू होने से राज्य में सभी के लिए समान अधिकारों को बढ़ावा मिलेगा.
मुख्यमंत्री धामी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि जैसे ही नई भाजपा सरकार बनेगी, वह राज्य में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाएगी. उन्होंने कहा कि यह यूसीसी सभी लोगों के लिए विवाह, तलाक, भूमि-संपत्ति और विरासत के संबंध में समान कानून प्रदान करेगा, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो.
सीएम धामी ने दावा किया कि कानून राज्य में सामाजिक सद्भाव को बढ़ाएगा, लैंगिक न्याय को बढ़ावा देगा, महिला सशक्तिकरण को मजबूत करेगा और "राज्य की असाधारण सांस्कृतिक-आध्यात्मिक पहचान और पर्यावरण" की रक्षा करने में मदद करेगा.
देशभर में समान नागरिक संहिता भाजपा के लगातार चुनावी घोषणा-पत्रों का हिस्सा रही है. जून 2016 में कानून मंत्रालय ने 21वें कानून पैनल को समान नागरिक संहिता से संबंधित मामलों की जांच करने के लिए कहा था. हालांकि, 21वें विधि आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त, 2018 को समाप्त हो गया था. कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था, "इस मामले को भारत के 22वें विधि आयोग द्वारा उठाया जा सकता है."
तब रिजिजू ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 44 में यह प्रावधान है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा.