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“लाल आतंक से निवेश के भरोसे तक: मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से Investment Hub बना छत्तीसगढ़” Featured

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शौर्यपथ लेख :(शरद पंसारी - संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार एवं shouryapathnews.in)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को देश का सबसे भरोसेमंद निवेश केंद्र (Investment Hub) बनाने के लिए ऐतिहासिक नीतियां लागू की हैं। राज्य ने सुरक्षा और सुशासन के दम पर पुरानी चुनौतियों को पीछे छोड़ दिया है और हाल ही में 8.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव (MoUs) हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।छत्तीसगढ़ की इस औद्योगिक क्रांति, नई निवेश नीति (2024-2030), और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के शानदार सफर पर एक विस्तृत एवं संपूर्ण लेख नीचे दिया गया है।
लाल आतंक से औद्योगिक वैश्विक पहचान तक: बदलते छत्तीसगढ़ की गौरव गाथा
1. नक्सलवाद से मुक्ति और शांति का नया सवेरा
एक समय था जब छत्तीसगढ़ का नाम सुनते ही देश-दुनिया के मानस पटल पर नक्सली हिंसा का अक्स उभरता था। लेकिन साय सरकार और केंद्र की डबल-इंजन सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।
//नक्सल-मुक्त राज्य का संकल्प: बस्तर सहित सुदूर जनजातीय क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के कड़े अभियानों और समानांतर विकास कार्यों (जैसे सड़कें, स्कूल और अस्पताल) के चलते नक्सलवाद अंतिम सांसे ले रहा है।
//शांति और सुरक्षा का भरोसा: अब बस्तर और आस-पास के क्षेत्र 'रेड कॉरिडोर' से निकलकर कनेक्टिविटी, पर्यटन और उद्योगों के नए हब बन रहे हैं। निवेशकों के लिए सबसे पहली शर्त "सुरक्षित वातावरण" होती है, जिसे साय सरकार ने पूरी तरह सुनिश्चित किया है।
2. देश का पहला 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026'
छत्तीसगढ़ ने हाल ही में 'छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (छूट और सुगमता) अधिनियम, 2026' को विधानसभा से पारित कराकर देश में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाया है। छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने उद्योगों के लिए 'जोखिम और विश्वास आधारित' (Risk & Trust-Based) अनुमति प्रणाली लागू की है।

3. औद्योगिक विकास नीति (2024-2030): समृद्धि का महामार्ग
1 नवंबर 2024 से लागू हुई राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का मुख्य विजन छत्तीसगढ़ को 'अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन @ 2047' के अनुरूप आर्थिक महाशक्ति बनाना है। इस नीति के प्रमुख आकर्षक वित्तीय और प्रशासनिक लाभ निम्नलिखित हैं:
// वन-क्लिक सिंगल विंडो पोर्टल: राज्य सरकार ने OneClick Single Window System की शुरुआत की है, जिससे जमीन आवंटन, बिजली-पानी कनेक्शन और पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) जैसी सभी औपचारिकताएं पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध हो गई हैं।
// भारी वित्तीय प्रोत्साहन (Subsidies): नए उद्योगों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (FCI) सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, और बिजली शुल्क (Electricity Duty) में शत-प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इसके अलावा नेट SGST प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की भी विशेष व्यवस्था है।
// भविष्य के सेक्टर्स (Thrust Sectors) पर फोकस: छत्तीसगढ़ पारंपरिक खनिज और इस्पात उद्योगों (जैसे देश का 20% लोहा और कोयला भंडार) से आगे बढ़कर अब हाई-टेक क्षेत्रों में कदम रख चुका है। नीति के तहत फार्मास्युटिकल्स, गारमेंट/टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
// समावेशी विकास: इस नीति में महिला उद्यमियों, आत्मसमर्पित माओवादियों, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के उद्यमियों, अग्निवीरों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सब्सिडी पैकेज और औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
// स्थानीय रोजगार पर जोर: नीति के तहत उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए कौशल विकास (Skill Development) केंद्रों की स्थापना और रोजगार-लिंक्ड प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
4. नीति आयोग और रेटिंग्स में छत्तीसगढ़ का डंका
साय सरकार के इन प्रशासनिक और नीतिगत सुधारों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखने लगा है:
// नियामक सुगमता में नंबर 1: CRISIL और NITI Aayog Index की हालिया रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को रेगुलेटरी ईज (नियामक सुगमता) और मजबूत संस्थागत माहौल में देश में प्रथम स्थान मिला है।
// पर्यावरणीय लचीलापन (Environmental Resilience): औद्योगिक विस्तार के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में छत्तीसगढ़ पूरे देश में दूसरे स्थान पर है।सशक्त कार्यबल: राज्य में महिला कार्यबल भागीदारी दर (Female Workforce Participation Rate) 58.1% है, जो देश के बड़े राज्यों के औसत से 41% अधिक है।
निष्कर्ष: एक नए 'इन्वेस्टमेंट हब' का उदयनक्सलवाद के अंधकार को चीरकर छत्तीसगढ़ आज सुशासन, सुरक्षा और पारदर्शी नीतियों के दम पर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा हो चुका है। साय सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल राज्य की जीडीपी (GSDP) को तेजी से बढ़ा रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार सृजित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की 2024-2030 की निवेश नीति निश्चित रूप से इसे एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।

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