नई दिल्ली / शौर्यपथ / चुनावी वर्ष में अब सत्ताधारी सरकारे मतदाताओ को रिझाने नए नए योजनाओं को लागू करती है ये लोकतंत्र में अब अहम् हिस्स हो गया सालो परेशां जनता को चुनावी वर्ष में क्षणिक लाभ देकर फिर सालो राजनितिक सुख का लाभ लेने की परंपरा अब हावी होती जा रही है . आत्मनिर्भर और मुफ्त की बात का विरोध करने वाली भाजपा भी चुनावी क्षेत्र में मुफ्त योजनाओं का अम्बार लगा देती है जैसे कि कर्नाटक चुनाव में देखने को मिला अब ऐसे ही कुछ शिवराज सरकार के द्वारा किया जा रहा है . गोधन पर जिस तरह पहल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया उसका अनुसरण करते हुए कैराज्यो ने इसे अलग अलग नामो से योजनाओं को लागू किया .
कुछ दिनों पहले ही 19 साल सत्ता सँभालने वाले शिवराज सरकार ने चुनावी वर्ष में गोधन के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए गोधन के लिए "COW एम्बुलेंस" का शुभारम्भ किया अब किसानो के ऋण माफ़ी योजना की शुरुवात करने जा रही है .
एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना के आवेदन कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे । जिसमे प्रदेश के 11 लाख से अधिक किसानों की रूपये 2123 करोड़ की ब्याज राशि होगी माफ।
बता दे कि कर्जमाफी की योजना को कमलनाथ सरकार ने लागू किया था किन्तु सत्ता परिवर्तन के बाद कई मामलो में पेंच होने की बात कहकर इस योजना को शिवराज सरकार ने लागू नहीं किया जिसे अब लागू किया जा रहा है . बता दे कि भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में किसानो के कर्ज माफ़ी की गोश्ना की थी और उसे लागू भी किया सत्ता सँभालते ही वही अब चुनाव वर्ष में शिवराज सरकार द्वारा कर्ज में ब्याज माफ़ी की योजना लागू कर रही है .