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March 24, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

रायपुर / 

     खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।

       खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।

       यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।

     छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।

कोंडागांव। कलेक्टोरेट के सभा कक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री बैठक का आयोजन कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। बैठक में जिले भर के विभिन्न कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी-अपनी समस्याएं एवं मांगें कलेक्टर के समक्ष रखीं।

बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं को सुनना और उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।

बैठक में प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं:

• सेवानिवृत्त कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा में PPO जारी कर उनके स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

• अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए।

• स्वास्थ्य केंद्रों में डीएमएफ एवं जेडीएस मद से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

• डीएमएफ से पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारियों को यथावत बनाए रखने की मांग रखी गई।

• जिले में पशु चिकित्सा केंद्र में लगभग 60 प्रतिशत रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।

• पशु चिकित्सा केंद्र एवं स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन कार्य कराए जाएं।

• जर्जर एवं भवनविहीन संस्थाओं के लिए भवन निर्माण की मांग की गई।

• कर्मचारियों के समयमान वेतनमान से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाए।

• लंबित पदोन्नतियों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।

• राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वाहन चालकों की भर्ती की जाए।

• स्वास्थ्य केंद्रों में महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाने की मांग रखी गई।

इसके अतिरिक्त यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह के अंतिम सोमवार को जिला स्तरीय परामर्शदात्री बैठक आयोजित की जाएगी।

साथ ही, राजपत्रित अधिकारी एवं शिक्षक संघ द्वारा एक व्याख्याता के गलत युक्तियुक्तकरण के संबंध में उचित निर्णय लेने हेतु अपील की गई, जिस पर कलेक्टर द्वारा आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।

कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर प्राथमिकता से विचार कर समाधान किया जाएगा।

बैठक के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई।

संवाददाता - अजय देशमुख 

गुण्डरदेही - जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ चलाए गए चार दिवसीय विशेष अभियान ने वन माफिया के नेटवर्क को झकझोर कर रख दिया है। वन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त ने सटीक खुफिया सूचना, तेज़ कार्रवाई और मजबूत तालमेल के दम पर ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। यह अभियान अब अवैध कारोबार के खिलाफ निर्णायक मोड़ साबित हो रहा है

आरा मिल संचालक के द्वारा शासकीय कार्य में बाधाकर गतिरोध पैदा किया जा रहा था जिसके बाद पुलिस प्रशासन का बड़ा योगदान प्राप्त हुआ और कड़ी कार्रवाई की गई

22 मार्च 2026 को गुंडरदेही स्थित शेख फ़ीरोज़ा आरा मिल पर की गई कार्रवाई इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर आरा मिल को सीलबंद कर दिया।

निरीक्षण के दौरान यहां भारी मात्रा में अवैध काष्ठ के गोले पाए गए थे।

दस्तावेजों की जांच में चिरान और स्टॉक रजिस्टर में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं, वहीं बिजली खपत और उत्पादन के आंकड़ों में भी बड़ा अंतर मिला। यह स्पष्ट संकेत था कि आरा मिल में लंबे समय से नियमों को दरकिनार कर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

इससे पहले 19 से 21 मार्च के बीच संयुक्त विभाग लगातार दबिश देकर गुंडरदेही और ओटेबंद क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर अवैध काष्ठ भंडारण का भंडाफोड़ किया। चिन्हित किए गए ठिकानों में से दो स्थानों पर राजस्व विभाग द्वारा जब्ती की कार्रवाई पूर्ण की जा चुकी है, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के बीच भय का माहौल स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

कार्रवाई का सबसे तेज़ और असरदार चरण 19 मार्च को सामने आया, जब कटेंगा चौक, राजनांदगांव मुख्य मार्ग अंतर्गत लोहारा परिक्षेत्र में उड़न दस्ता टीम ने घेराबंदी कर दो ट्रकों को पकड़ा। इन ट्रकों में 57 वृक्षों के गोले अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे थे। मौके पर मौजूद व्यक्तियों के पास न तो कोई वैध अनुमति थी और न ही परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध थे। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रकों को काष्ठ सहित जब्त कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ की।

पूरे ऑपरेशन में वन, पुलिस और राजस्व विभाग का अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिला। योजनाबद्ध रणनीति, त्वरित कार्रवाई और कानूनी मजबूती के साथ तीनों विभागों ने यह साबित कर दिया कि संयुक्त प्रयास से किसी भी संगठित अवैध नेटवर्क को प्रभावी ढंग से तोड़ा जा सकता है।

जिला वन मंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वन संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध कटाई, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिला पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा इस पूरे अभियान में सक्रिय सहयोग दिया गया है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों पर सतत निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जिला कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लगातार और सख्त हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि प्रशासन अब जमीनी स्तर पर पूरी गंभीरता के साथ सक्रिय है। वन संपदा की सुरक्षा को लेकर बढ़ी हुई सतर्कता और ठोस कार्रवाई यह दर्शाती है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के लिए अब कोई गुंजाइश नहीं बची है। जिले में यह संदेश साफ हो चुका है कि कानून का शिकंजा लगातार कसता जाएगा और वन माफिया के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तीव्रता के साथ जारी रहेगा।

  भिलाई। शौर्यपथ । भिलाई बचाओ आंदोलन के दूसरे चरण में रविवार को जनआक्रोश सड़कों पर नजर आया। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों परिवारों, व्यापारियों और बीएसपी से जुड़े लोगों ने सिविक सेंटर पार्किंग से सेक्टर-5 स्थित 25 मिलियन चौक तक लगभग 1000 कदम की मौन पदयात्रा निकालकर BSP (सेल) प्रबंधन के निर्णयों के खिलाफ विरोध जताया।
इस पदयात्रा में बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मचारी, लीजधारी, टाउनशिप के व्यापारी, रिटेंशनधारी परिवारों के सदस्य, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से एकजुटता दिखाते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।
आंदोलन के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर बीएसपी प्रबंधन जनहित में निर्णय नहीं लेता है, तो इस्पात भवन का घेराव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को प्रबंधन के साथ हुई चर्चा के आधार पर कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है।
पदयात्रा में महापौर नीरज पाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, हाउस लीज संघर्ष समिति के सदस्य, विभिन्न श्रमिक संगठनों (सीटू, एटक, एक्टू, एचएमएस) के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भिलाई बचाओ आंदोलन के इस चरण ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

रायपुर । शौर्यपथ ।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में आयोजित वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ प्रदेशवासियों की समृद्धि सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी के जीवन को साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल बताते हुए कहा कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ वीरतापूर्वक संघर्ष कर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाएं।
उन्होंने लोधी समाज की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है और आज भी देश-प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहा है।

विकास कार्यों की घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—

कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये
सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला निर्माण के लिए 20 लाख रुपये
युवाओं को खेल के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मिनी स्टेडियम निर्माण

जनकल्याण योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसके अंतर्गत अब तक 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि ‘रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं, वहीं बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक जैसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच दिया जा रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी वीरांगना अवंतीबाई लोधी के बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

  रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति श्री मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक श्री जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।
बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

कसडोल में कंवर समाज सामुदयिक भवन तथा पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर श्री साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

शौर्यपथ महासमुंद / ब्यूरो: संतराम कुर्रे

महासमुंद। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल खल्लारी मंदिर क्षेत्र में रविवार सुबह लगभग 11 बजे एक दर्दनाक रोप-वे दुर्घटना हो गई। इस हादसे में 17 लोग घायल हो गए, जबकि रायपुर के राजा तालाब निवासी 28 वर्षीय आयुषी की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय नागरिकों की मदद से सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा में भर्ती कराया गया। इनमें से 4 घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

मौके पर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) श्रीमती नमिता मारकोले, तहसीलदार नितिन ठाकुर सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम तत्काल पहुंची और राहत कार्यों का समन्वय करते हुए घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि घायलों का समुचित उपचार प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने दुर्घटना के कारणों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

एसडीएम नमिता मारकोले के अनुसार घायलों में गोविंद स्वामी, नमिता स्वामी, अंशुका स्वामी (महासमुंद), हेमलाल नागेश्वर, रतन नागेश्वर, हेमिन, हुलसी, पूर्वी, टिया, अमलेश (टिकरापारा, रायपुर), टोमेश्वरी साहू, कुमेश साहू, हर्ष साहू (दलदल सिवनी, रायपुर), तथा ऋषभ धावरे, छ्यांश, मनस्वी (राजा तालाब, रायपुर) शामिल हैं।

जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी घायलों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

  नई दिल्ली / एजेंसी / केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को व्यावसायिक एलपीजी (LPG) की उपलब्धता बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 23 मार्च 2026 से अगली सूचना तक अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी आवंटित किया जाएगा, जिससे कुल आवंटन पूर्व-संकट स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
इससे पूर्व, राज्यों को 20 प्रतिशत एलपीजी आवंटन के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों के आधार पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन प्रदान किया गया था। इस प्रकार अब कुल 50 प्रतिशत तक व्यावसायिक एलपीजी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर निम्न क्षेत्रों में किया जाएगा—
रेस्टोरेंट, ढाबे एवं होटल
औद्योगिक कैंटीन
खाद्य प्रसंस्करण एवं डेयरी इकाइयाँ
राज्य सरकारों/स्थानीय निकायों द्वारा संचालित सब्सिडी युक्त कैंटीन एवं सामुदायिक रसोई
प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर
इसके साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यावसायिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के साथ पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। संबंधित उपभोक्ताओं को अपने कार्यक्षेत्र, एलपीजी उपयोग और वार्षिक आवश्यकता का विवरण भी दर्ज कराना होगा।
मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि एलपीजी प्राप्त करने के लिए सभी व्यावसायिक/औद्योगिक उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) इकाई के साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के लिए आवेदन करना और आवश्यक तैयारियाँ पूरी करना अनिवार्य होगा।
इस निर्णय से खाद्य सेवा, उद्योग एवं सार्वजनिक वितरण से जुड़े क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही दीर्घकालिक रूप से पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी।

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