नई दिल्ली. शौर्यपथ . आज के जमाने में सेल्फी एक साधारण सी प्रक्रिया है जिसके द्वारा सोशल मीडिया में लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं किंतु कभी-कभी कोई सेल्फी इतनी महंगी पड़ जाती है कि उस सेल्फी के कारण जिंदगी तबाह हो जाती है कुछ ऐसा ही हाल समीर वानखेडे का हुआ एनसीबी के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े को एक सेल्फी के बदले जांच के घेरो से गुजरना पड़ रहा है. सेल्फी लेते समय शायद एनसीबी के पूर्व अधिकारी हनी समझ पाए कि यही सेल्फी उनके लिए बहुत महंगी पड़ जाएगी.
रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीबी दफ्तर से आर्यन खान की एक तस्वीर अगर सामने नहीं आई होती तो शायद ही इस मामले का खुलासा होता। दरअसल इस सेल्फी के वायरल होने के बाद से ही समीर वानखेड़े की परेशानी बढ़ती चली गई. इसके बाद ही आर्यन केस में छापेमारी में फर्जी अफसर होने, झूठे गवाह बनाने और आर्यन खान पर गलत आरोप लगाने का मामला सामने आया।
फोटो में क्या था?
करीब दो साल पहले जब आर्यन खान को एनसीबी ने हिरासत में लिया था, तब आर्यन के साथ केपी गोसावी की एक सेल्फी सामने आई थी। इसके वायरल होने पर राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना गया था। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इस सेल्फी के बाद समीर वानखेड़े के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मलिक ने जांच एजेंसी पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि एनसीबी अधिकारी न होते हुए भी गोसावी कैसे एनसीबी ऑफिस में जाकर एक आरोपी के साथ सेल्फी ले सकता हैं। इस सेल्फी कांड के बाद समीर वानखेड़े की जांच पर उंगली उठने लगी, कई तरह के आरोप लगने लगे।
किरण गोसावी और उसका साथी सैमुअल डिसूजा आर्यन मामले में गवाह थे, लेकिन वानखेड़े की अगुवाई वाली जांच टीम में दोनों किसी एनसीबी अधिकारी की तरह शामिल नजर आये थे। आर्यन और उनके दोस्तों को केपी गोसावी की निजी कार में एनसीबी दफ्तर लाया गया था। साथ ही केपी गोसावी और उनके साथियों को किसी भी समय एनसीबी कार्यालय आने की परमिशन थी। इसलिए वह आर्यन से हिरासत में बात करता था और उसके साथ सेल्फी खिंची थी। कथित तौर पर गोसावी को ही पैसे 'उगाही' की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
25 करोड़ की मांगी रिश्वत
एनसीबी के विशेष जांच दल द्वारा जब आर्यन खान मामले की जांच की गई तो चौंका देने वाले खुलासे हुए। आरोप है कि एनसीबी की तरफ से गोसावी ने शाहरुख से 25 करोड़ की रिश्वत मांगी थी। आर्यन को इस केस से सुरक्षित निकालने के लिए शाहरुख से 25 करोड़ की डिमांड की थी। लेकिन डील 18 करोड़ रूपये में फाइनल हुई।