Print this page

“लोकतंत्र का उत्सव: 25 साल बाद बिहार में 60% से ऊपर मतदान, युवा जोश और जनसहभागिता ने रचा नया इतिहास” Featured

  • rounak group

पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर 60.25% मतदान; युवाओं और महिलाओं की बड़ी भागीदारी से बढ़ी उम्मीदें, नीतीश-तेजस्वी दोनों खेमे में बढ़ा आत्मविश्वास

पटना / शौर्यपथ /
लोकतंत्र की भूमि बिहार ने गुरुवार को एक बार फिर अपनी राजनीतिक जागरूकता और जनभागीदारी से पूरे देश को संदेश दिया। विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर औसतन 60.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया — जो पिछले 25 वर्षों में सर्वाधिक है।
यह आँकड़ा केवल वोटिंग प्रतिशत का नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जनता के विश्वास और युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक है।

 ऐतिहासिक मतदान, नए बिहार की झलक

शाम पाँच बजे तक प्राप्त आँकड़ों के अनुसार बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में उत्साहपूर्ण मतदान देखने को मिला। 1990 के दशक के बाद यह पहला मौका है जब मतदान का प्रतिशत 60 के पार पहुँचा।
2020 के विधानसभा चुनाव में जहाँ 57.29% मतदान हुआ था, वहीं इस बार 3 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
सबसे अधिक वोटिंग बेगूसराय में 67.32% और समस्तीपुर में 66.65% रही, जबकि पटना जिले में 55.02% मतदान हुआ।
मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और लखीसराय जैसे जिलों में मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस पर्व को उत्सव की तरह मनाया।

 सियासत की परीक्षा – 16 मंत्रियों और कई दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में बंद

पहले चरण में नीतीश सरकार के 16 मंत्रियों समेत तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, अनंत सिंह, मैथिली ठाकुर, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा जैसे दिग्गज उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।कुल 1,314 उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दाँव पर है।45,341 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ, जिन पर चार लाख से अधिक मतदानकर्मी और 65,000 से अधिक पोलिंग एजेंट तैनात रहे।

एनडीए का दावा – विकास पर मुहर, महागठबंधन का पलटवार – वोट चोरी का डर

पहले चरण की वोटिंग समाप्त होते ही सियासी दावे भी तेज हो गए।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि “बिहार के जागरूक मतदाताओं ने नीतीश कुमार के विकास और सुशासन पर मुहर लगा दी है, एनडीए दोबारा सत्ता में आएगा।”
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दावा किया – “पहले चरण में ही एनडीए 100 सीटें जीत रहा है। ज्यादा वोटिंग का फायदा हमें मिलेगा।”

वहीं, महागठबंधन की ओर से राहुल गांधी ने पूर्णिया की सभा में आरोप लगाया कि “बिहार में लाखों नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। भाजपा चुनाव चोरी की कोशिश कर रही है, लेकिन युवाओं और जेन-जी को संविधान की रक्षा करनी है।”

 युवा वोटरों की एंट्री – ‘Gen-Z’ बना बिहार चुनाव का गेम चेंजर

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार राज्य के कुल मतदाताओं में 25% हिस्सा 18-29 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं का है।
हर चौथा वोटर युवा है — यानी भविष्य का बिहार खुद अपने मत से गढ़ रहा है।
बेगूसराय में 25.16%, मधेपुरा में 24.66% और खगड़िया में 24.29% जेन-जी वोटर हैं।

यह नई पीढ़ी जाति या धर्म की राजनीति से परे रोजगार, पारदर्शिता, शिक्षा और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर वोट डाल रही है।
विश्वविद्यालय परिसरों से लेकर सोशल मीडिया तक, इन युवाओं की सक्रियता ने इस चुनाव को विचार और विज़न की जंग में बदल दिया है।

चुनाव आयोग की सख्त निगरानी – हर बूथ पर CCTV की नजर

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी ने दिल्ली स्थित नियंत्रण कक्ष से पूरे बिहार की वोटिंग प्रक्रिया पर नज़र रखी।
राज्य के 45,000 से अधिक मतदान केंद्रों से लाइव फीड मंगवाए जा रहे थे।
इस बार पहली बार सभी बूथों पर CCTV कैमरे लगाए गए, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।

 दूसरा चरण 11 नवंबर को, नतीजे 14 नवंबर को

पहले चरण की शांतिपूर्ण और रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग ने अब दूसरे चरण की जंग को और रोचक बना दिया है।
11 नवंबर को शेष जिलों में मतदान होगा और 14 नवंबर को मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को फिर मौका दिया या तेजस्वी यादव को सत्ता की कुर्सी सौंपी।

 “लोकतंत्र की असली जीत जनता की भागीदारी से होती है”

चुनाव विश्लेषकों के मुताबिक, इस बार मतदान दर में वृद्धि का सीधा संबंध युवाओं और महिलाओं की बढ़ती जागरूकता से है।
महिलाओं ने गाँव-गाँव में लंबी कतारों में खड़े होकर मतदान किया, जबकि पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने इसे “अपना पहला राजनीतिक वक्तव्य” बताया।

समापन टिप्पणी:

बिहार का यह पहला चरण सिर्फ राजनीतिक दलों की परीक्षा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की परिपक्वता और जनसक्रियता का उत्सव भी है।
25 साल बाद जब मतदान का प्रतिशत 60 के पार पहुँचा, तो यह केवल आँकड़ा नहीं रहा — यह बिहार की जनता की परिपक्व सोच, लोकतंत्र के प्रति आस्था और परिवर्तन की पुकार बन गया।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ