Print this page

रेल नेटवर्क में अभूतपूर्व विस्तार: छत्तीसगढ़ में 5,755 कि.मी. सर्वेक्षण कार्य और करोड़ों की परियोजनाएं तेज़ी से प्रगति पर

  • rounak group

  नई दिल्ली / रायपुर (शौर्यपथ) रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोक सभा में बताया कि छत्तीसगढ़ में रेल अवसंरचना को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने अभूतपूर्व वित्तीय आवंटन किया है। 2009-2014 के दौरान ₹311 करोड़ वार्षिक परिव्यय से बढ़कर 2025-26 के लिए यह राशि ₹6,925 करोड़ हो गई है, जो 22 गुना से अधिक वृद्धि दर्शाती है।
इस निवेश के तहत कई अहम परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं। इनमें खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा नई लाइन (278 कि.मी., ₹7,854 करोड़), बस्तर क्षेत्र में रावघाट-जगदलपुर नई लाइन (140 कि.मी., ₹3,513 करोड़), और कोयला व खनिज परिवहन के लिए गेवरा रोड-पेंड्रा रोड नई लाइन (157 कि.मी., ₹3,923 करोड़) शामिल हैं। इसके साथ ही खरसिया-परमालकसा के 5वीं एवं 6वीं लाइन, बोरीडांड-अम्बिकापुर दोहरीकरण (80 कि.मी.) और बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन (206 कि.मी.) परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।
रेल मंत्री की जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के लिए दीर्घकालिक रोडमैप के तहत 2022-25 और वर्तमान वित्त वर्ष में 61 सर्वेक्षण कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें 26 नई लाइनें और 35 दोहरीकरण शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई 5,755 कि.मी. है। ये कार्य रेल नेटवर्क के सघन विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी की योजना को दर्शाते हैं।
सभी परियोजनाओं के चयन में यातायात अनुमान, लाभप्रदता, सामाजिक-आर्थिक महत्व, तथा प्रथम और अंतिम छोर संपर्कता जैसे कारकों का व्यावहारिक विश्लेषण शामिल है। केंद्र सरकार इन परियोजनाओं को छत्तीसगढ़ के त्वरित विकास के लिए प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है।
इस व्यापक रेल नेटवर्क विस्तार से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को बेहतर यात्री और माल ढुलाई सुविधाएं मिलेंगी, जिससे छत्तीसगढ़ का कनेक्टिविटी और आर्थिक परिदृश्य मजबूत होगा।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ