नई दिल्ली। शौर्यपथ ।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान ने कहा कि भारत को न केवल कम समय के तीव्र युद्ध बल्कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी मुंबई स्थित आईआईटी बॉम्बे में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत के समक्ष मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करते हुए की।
सीडीएस ने बिना नाम लिए पाकिस्तान और चीन की ओर संकेत करते हुए कहा कि भारत को अपनी रणनीतिक तैयारी ऐसे माहौल में करनी होगी, जहां उसके दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी परमाणु हथियार संपन्न हैं। उनके अनुसार, "हमारे दोनों दुश्मन—एक परमाणु हथियार वाला देश, दूसरा परमाणु हथियार संपन्न देश—इसलिए हमें इस स्तर के अवरोध का उल्लंघन नहीं होने देना चाहिए।"
चौहान ने कहा कि भारत को आतंकवाद और सीमापार हमलों से निपटने के लिए कम अवधि के तीव्र संघर्षों के लिए सक्षम रहना होगा, जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में देखा गया। साथ ही, लंबे समय तक चलने वाले जमीनी विवादों की परिस्थितियों के लिए भी तैयारी जरूरी है। उन्होंने कहा, "हमारा जमीनी विवाद है, और ऐसी स्थितियों में दीर्घकालिक संघर्ष की आशंका बनी रहती है। हालांकि, हमें इससे दूर रहने की कोशिश भी करनी चाहिए।"
चौहान के संकेत क्रमश: आतंकवाद-विरोधी त्वरित अभियानों और रूस-यूक्रेन जैसे लंबे संघर्षों की ओर माने जा रहे हैं, जिनसे भारत को अपनी रक्षा नीति और तैयारी का स्तर निर्धारित करना होगा।