असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में चुनावी तैयारियां शुरू; दलों की रणनीति और बयानबाजी तेज
नई दिल्ली / शौर्यपथ / :
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग के ऐलान के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए चुनावी रणनीति में जुट गए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव कार्यक्रम का स्वागत करते हुए भरोसा जताया है कि जनता विकास, स्थिरता और सुशासन के पक्ष में मतदान करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पांचों राज्यों में एनडीए और भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार फिर से बनेगी, वहीं पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में भी जनता के आशीर्वाद से एनडीए को विजय प्राप्त होगी।
वहीं कांग्रेस ने चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराने के फैसले को सकारात्मक कदम बताया है। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित किया जाए ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
इधर केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (एलडीएफ) की प्रमुख पार्टी सीपीआई(एम) ने भी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने आगामी चुनाव में 86 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है, जिनमें से 56 वर्तमान विधायकों को फिर से टिकट देने का फैसला किया गया है।
विधानसभा कार्यकाल समाप्ति की स्थिति
निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी राज्यों में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त होगा।
तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई तक है।
असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो जाएगा।
केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई तक है।
पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त होगा।
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में राजनीतिक दलों की सक्रियता, रैलियां, गठबंधन और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और भी गर्म होने के आसार हैं, क्योंकि सभी दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।